Headlines

सपा पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- ‘मलाल सिर्फ गलत टाइमिंग का है’:गोरखपुर में 50 से अधिक लोग जिलाध्यक्ष की रेस में; नई टीम पर सस्पेंस जारी




“मलाल सिर्फ इस बात का है कि गलत टाइमिंग पर हमें पद से हटना पड़ा। अगर यह समय थोड़ा आगे-पीछे होता तो बेहतर रहता। पद पर आने वाला व्यक्ति एक दिन हटता जरूर है, लेकिन जिस घटना के बाद यह फैसला हुआ, उसमें मेरा कोई ताल्लुक नहीं था।” पद से हटाए जाने के बाद गोरखपुर के समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कही हैं। समाजवादी पार्टी की गोरखपुर जिला और महानगर इकाई की कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम को नई टीम के गठन तक कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकारिणी भंग होने और अपने पद से हटाए जाने को लेकर दैनिक भास्कर ने बृजेश कुमार गौतम से बातचीत की। उन्होंने प्रेस क्लब में हुई घटना को पार्टी के लिए नुकसानदायक बताया, लेकिन कहा कि इसका असर एमएलसी चुनाव या 2027 के विधानसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा। बृजेश कुमार गौतम ने कहा कि प्रेस क्लब में हुई घटना बेहद निंदनीय थी। जिस व्यक्ति ने घटना को अंजाम दिया, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। इस घटना से पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। पार्टी के निर्धारित कार्यक्रमों में भी कुछ रुकावटें आई हैं, लेकिन इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। ‘एमएलसी चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा’ एमएलसी चुनाव पर घटना और संगठन में हुए बदलाव के असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एमएलसी चुनाव शिक्षकों का चुनाव है और इसमें पढ़े-लिखे व विद्वान लोग मतदान करते हैं। इसलिए पार्टी के अंदर हुए उतार-चढ़ाव का चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में बदलाव के दौरान नुकसान और फायदा दोनों होते हैं। हम कोशिश करेंगे कि जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए। हमारा लक्ष्य 2027 में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो और पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार मिले। ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे, नई टीम कब बनेगी’ नई जिला और महानगर टीम के गठन की समयसीमा के बारे में गौतम ने कहा कि इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। संगठन में पद आते-जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि 1992 से पार्टी में कई जिला अध्यक्ष बने और बदले हैं। आगे भी नए लोग नई ऊर्जा के साथ संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में उन्होंने विषम परिस्थितियों में पार्टी को आगे ले जाने के लिए काम किया। पार्टी के पास गोरखपुर में न सांसद है और न विधायक, इसके बावजूद उन्होंने कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो भी नया जिला अध्यक्ष बनेगा, वह पार्टी को इससे भी आगे ले जाएगा। ‘मलाल सिर्फ गलत टाइमिंग का है’ अपने कार्यकाल को लेकर उन्होंने कहा कि हर जिला अध्यक्ष चाहता है कि उसके कार्यकाल में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करे। वह करीब तीन साल आठ महीने जिला अध्यक्ष रहे और इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका काफी सहयोग किया। उनके सामने संगठन के अंदर और बाहर कई चुनौतियां भी आईं। उन्होंने कहा, “मलाल सिर्फ इस बात का है कि गलत टाइमिंग पर हमें पद से हटना पड़ा। अगर यह समय थोड़ा आगे-पीछे होता तो बेहतर रहता। पद पर आने वाला व्यक्ति एक दिन हटता जरूर है, लेकिन जिस घटना के बाद यह फैसला हुआ, उसमें मेरा कोई ताल्लुक नहीं था।” गौतम ने कहा कि प्रेस क्लब की घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसला लिया होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला उन्हें स्वीकार है और आगे उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। ‘पद छोटा हो या बड़ा, जिम्मेदारी निभाऊंगा’ बृजेश कुमार गौतम ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह बहुजन समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में आए थे। उस समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें गोरखपुर जैसे मुख्यमंत्री के गृह जनपद का जिला अध्यक्ष बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने दलित समाज से आने वाले व्यक्ति को जिला अध्यक्ष बनाकर एक नया प्रयोग किया था और उन्होंने उस भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश की। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों से प्रेरणा लेने के साथ समाजवादी पार्टी में डॉ. राम मनोहर लोहिया, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के विचारों को सीखने की बात कही। गौतम ने कहा कि उन्हें आगे पद मिलता है या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता। छोटा पद हो या बड़ा, जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे पूरी क्षमता से निभाएंगे। ‘50 से ज्यादा लोग जिला अध्यक्ष की दौड़ में’ नई टीम में जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों के सवाल पर गौतम ने किसी एक नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें 50 से अधिक लोग जिला अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार दिखाई दे रहे हैं। कई लोग खुद पोस्ट कर रहे हैं या उनके समर्थक पोस्ट करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि बड़ी संख्या में लोग संगठन की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आ रहे हैं। अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही करेंगे। वह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की क्षमता और काम करने के तरीके से परिचित हैं। ‘नगीना साहनी के साथ घटना बेहद निंदनीय’ पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी के साथ हुई घटना पर गौतम ने भी इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा पार्टी के किसी नेता या कार्यकर्ता के परेशान होने पर संज्ञान लेते हैं। इसी के तहत उन्होंने नगीना साहनी के मामले में तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले में कई फैसले लिए, जिससे एक नजीर भी बनी है। हालांकि, नगीना साहनी को दोबारा जिला अध्यक्ष बनाया जाएगा या उन्हें ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिलेगा, इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। गौतम ने कहा कि जिला अध्यक्ष कौन बनेगा या विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष ही करेंगे। “हम पार्टी के सिपाही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी फैसला होगा, उसे जमीन पर उतारने का काम करेंगे।” उन्होंने कहा कि 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना उनका लक्ष्य है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *