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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से अब तक नगद कर का भुगतान न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य कर संयुक्त आयुक्त प्रेमचंद भारती ने बताया कि नालंदा जिले में अब तक ऐसे करीब 400 कारोबारियों को चिह्नित किया गया है। जिन्होंने 1 जुलाई 2017 से लेकर अब तक अपने वैल्यू एडिशन पर नगद कर का भुगतान नहीं किया है और केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी के माध्यम से ही कर दायित्वों की पूर्ति करते आ रहे हैं। विभाग ने ऐसे सभी व्यापारियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। जीएसटीएन की बैठक में उठा मुद्दा, कड़ी कार्रवाई की तैयारी संयुक्त आयुक्त ने जानकारी दी कि जीएसटीएन की उच्चस्तरीय बैठकों में भी इस मामले पर विस्तार से मंथन चल रहा है। राज्य में ऐसे व्यापारियों की संख्या काफी अधिक है जो वैल्यू एडिशन के बावजूद नगद कर जमा नहीं करा रहे हैं। विभाग की इन पर पैनी नजर है और भविष्य में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अंचल स्तर पर लगातार समीक्षा कर ऐसे मामलों को पकड़ा जा रहा है। व्यापारियों को 15 दिनों की मोहलत अधिकारी के अनुसार, चिह्नित कारोबारियों पर लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपये का बकाया कर दायित्व निकलने का अनुमान है। हालांकि, कुल राशि का अंतिम आकलन व्यापारियों के उपस्थित होने और उनके खातों के मिलान के आधार पर किया जा रहा है। फिलहाल विभाग की ओर से इन व्यापारियों को अपना पक्ष रखने और बकाया जमा करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि व्यापारी अनुरोध करते हैं, तो उन्हें पुराने वर्षों का बकाया व्यवस्थित रूप से जमा करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
नगद कर चुकाने की अपील विभाग ने जिले के समस्त व्यापारी बंधुओं से अपील की है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपने वास्तविक वैल्यू एडिशन पर अधिक से अधिक नगद कर का भुगतान सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने साफ किया कि केवल आईटीसी के समायोजन पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नालंदा में 400 व्यापारी वाणिज्य कर विभाग के रडार पर:2017 से नहीं किया नगद कर का भुगतान, अब नोटिस हुआ जारी
