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लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में मेले को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। PAU रिटायर्ड पेंशनर एसोसिएशन के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी के मौजूदा माहौल और प्रशासन पर बढ़ रहे दबाव को लेकर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी के करीब 50 साल यूनिवर्सिटी के साथ बिताए हैं, लेकिन जिस तरह के हालात आज देखने को मिल रहे हैं, ऐसे हालात उन्होंने पहले कभी नहीं देखे। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल से सरकार और नेताओं का यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव है। PAU प्रतिष्ठित संस्थान है, इसलिए कार्यक्रमों में गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सरकार के ‘जाने इंकलाब’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया। आरोप है कि इसमें शराब परोसी गई। ऐसी गतिविधियों से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है
एसोसिएशन ने इसकी निंदा कर कहा कि ऐसी गतिविधियों से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। एसोसिएशन ने साफ किया कि उनका विरोध मेले के खिलाफ नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की गरिमा और स्वायत्तता को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से परिसर में कार्यक्रमों के लिए नियम बनाने की मांग की। निर्णय लेने की स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी जाती थी
रिटायर्ड पेंशनर एसोसिएशन के सदस्य गिल ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब प्रधानमंत्री के लिए हैलीपैड बनवाने के लिए भी यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मना कर दिया गया था। उस समय PAU की अपनी गरिमा और निर्णय लेने की स्वतंत्रता को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब परिस्थितियों में बदलाव नजर आ रहा है। कार्यक्रम के दौरान शराब का सेवन भी किया गया
गिल ने सरकार की ओर से करवाए गए ‘जाने इंकलाब’ समागम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान शराब का सेवन भी किया गया, जिसकी एसोसिएशन की ओर से पूर्ण रूप से निंदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर में इस तरह की गतिविधियों से संस्थान की छवि पर सवाल उठते हैं।
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लुधियाना PAU में मेले को लेकर विरोध:रिटायर्ड पेंशनर एसोसिएशन बोली- यूनिवर्सिटी पर बढ़ रहा दबाव, ऐसे हालात पहले नहीं देखे
