जन जन में जय जगन्नाथ:रांची में जुड़े श्रद्धा के हजारों हाथ… धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा निकली




‘जय जगन्नाथ स्वामी… के जयघोष, शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच गुरुवार शाम धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर से प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा निकली। आस्था का यह कारवां शाम 5.25 बजे आगे बढ़ा तो हजारों श्रद्धालु धर्मरथ की रस्सी छूने और खींचने के लिए उमड़ पड़े। हर चेहरे पर प्रभु के दर्शन का उल्लास और रथ को स्पर्श करने की लालसा साफ दिख रही थी। इससे पहले दोहर 2.30 बजे जगन्नाथ स्वामी, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रह को रथ पर विराजमान कराया गया। शाम 4.50 बजे श्री विष्णु लक्षार्चना अनुष्ठान के बाद पुजारी रामेश्वर पाढ़ी ने ‘जगन्नाथ स्वामी नयनपथगामी भवतु मे’ का उदघोष किया। इसके साथ ही रथयात्रा शुरू हुई। लगभग 500 मीटर की यात्रा कर शाम 7.15 बजे प्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा मौसीबाड़ी पहुंच गए। शाम 5.25 बजे निकली रथयात्रा, 7.15 बजे बहन-भाई के साथ मौसीबाड़ी पहुंचे प्रभु
लगातार तीसरे साल बारिश नहीं
वर्ष 2024 के बाद लगातार तीसरे वर्ष रथयात्रा के दौरान एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। हालांकि सुबह हल्की बारिश हुई थी। शाम को तेज धूप के बीच कई बार बादल छाए तो श्रद्धालुओं को लगा कि इस बार रथयात्रा के दौरान बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोग बारिश को राज्य और समाज की खुशहाली से जोड़कर देखते हैं। मंदिर मार्ग पर बनेगा तोरणद्वार
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार जगन्नाथपुर मंदिर को जोड़ने वाली सड़क पर भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराएगी। आने वाले समय में रथयात्रा मेले को और भव्य व सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।



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