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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; Why Does Anxiety Increase? 8 Things To Keep In Mind To Help Reduce Your Worries
हरिद्वार3 घंटे पहले
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हमारे जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हमारा भय है। डर के कारण मन में कई तरह के भ्रम और चिंताएं पैदा होती हैं। यही भावनाएं व्यक्ति को भीतर से कमजोर और दुखी करती हैं। इनसे मुक्त होने के लिए हमें अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानना चाहिए। जानिए डर से जुड़ी 8 बातें… 1. भय कमजोर बनाता है – भय के कारण व्यक्ति सही निर्णय लेने में हिचकता है, अपनी क्षमता पर संदेह करने लगता है, जिससे वह कमजोर हो जाता है। 2. भ्रम मन को अस्थिर करता है – जब मन में स्पष्टता नहीं होती, तब व्यक्ति छोटी-छोटी बातों को लेकर भी चिंतित और अस्थिर रहने लगता है। 3. डर आगे बढ़ने से रोकता है – हर काम में डरने से आत्मविश्वास कम होता है और व्यक्ति अवसरों का सही उपयोग नहीं कर पाता, डर आगे बढ़ने से रोक देता है। 4. भय दुख का कारण बनता है – कई बार हमारी परेशानियां वास्तविकता से अधिक हमारे डर के कारण होती हैं। इसलिए डर दूर करके सत्य को समझना जरूरी है। 5. चिंता मन की शांति छीन लेती है – डर के कारण व्यक्ति चिंतित रहने लगता है और चिंता वर्तमान का सुख और शांति समाप्त कर देती है। 6. अपना आत्म विश्वास जगाएं – बाहरी परिस्थितियों को बदलने से पहले व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं को समझने का प्रयास करना चाहिए। अपने डर को दूर करें, हमारे भीतर आत्मविश्वास और सामर्थ्य मौजूद है। इस बात को समझें। 7. आत्म-पहचान से डर दूर होता है – जब व्यक्ति स्वयं को सही रूप में पहचान लेता है, तो उसके भीतर का डर धीरे-धीरे दूर होने लगता है। 8. दुखों से मुक्ति के लिए कर्म करना जरूरी है – अपने दुखों और भय से मुक्त होना चाहते हैं, तो इसके लिए निरंतर आत्मचिंतन और सही कर्म करना जरूरी है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

