सिरसा में सीडीएलयू के बाहर गेट पर धरने पर बैठे छात्र व छात्राएं
सिरसा जिले में स्थित चौ. देवीलाल यूनिवर्सिटी (CDLU) में डुप्लीकेट डिग्री लेने की फीस में पहले के अपेक्षा 6 गुना तक बढ़ोतरी हो चुकी है। जो डुप्लीकेट डिग्री पहले ₹110 में मिल जाती थी, उसके लिए अब ₹7000 रुपए देने पड़ेंगे। इसका आर्थिक बोझ हर उस छात्र या छा
.
छात्रों के अनुसार, यदि तीन या चार वर्षीय कोर्स है और हर 6 माह के समेस्टर सिस्टम के हिसाब से 6 से 8 डिग्रियां बनती है। किसी की एक या सभी डिग्रियां गुम हो जाए तो डुप्लीकेट डिग्री लेने के लिए अलग-अलग आवेदन करना पड़ेगा और बढ़ी हुई फीस चुकानी पड़ेगी। यहां तक मास्टर डिग्री की फीस पांच से सात हजार रुपए तक बढ़ा दी है।
इन कोर्स और डिग्रियों की फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्र कम करवाने को धरने पर बैठे हैं। धरनारत छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिनों में जिस हिसाब से फीस बढ़ोतरी की गई है, उसे हर किसी छात्र या छात्रा के लिए भर पाना मुश्किल होगा और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इन कोर्सों की फीस कम करवाने की मांग है, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।

रि-इवैल्यूएशन की फीस 350 से बढ़ाई 600 तक
छात्र बोले, इसी तरह रि-इवैल्यूएशन की फीस 350 से बढ़ाकर 600 रुपए तक कर दी गई। ऐसा प्रचलन पहले हिसार की जीजेयू और एचएयू व अन्य यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ था। वहां के छात्रों ने विरोध किया तो कुछ फीस कम की गई। मगर यहां सिरसा में विरोध नहीं किया तो यूनिवर्सिटी प्रशासन धीरे-धीरे कोर्स व डिग्रियों की फीस बढ़ाता रहा।
जब ये फीस बढ़ोतरी सहन न होने या भर न पाने की स्थिति आ गई तो उनको आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अभी भी यूनिवर्सिटी प्रशासन कुछ और कोर्स में फीस बढ़ोतरी की तैयारी में हैं। मगर वे ऐसा होने नहीं देंगे।

एबीवीपी व छात्र नेता बोले, मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा
इन फीस बढ़ोतरी व हॉस्टल समस्या को लेकर एबीवीपी के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और सोमवार को वीसी ऑफिस का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया था। उस समय वीसी स्वयं उनकी मांगों को सुनने आए और 6 में से तीन मांग (ई-रिक्शा सुविधा एवं मैस के खाने को लेकर) पर सहमति बन गई थी और उसे पूरा करने का आश्वासन दिया था।
मगर इन मांगों पर सहमति के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक मांग भी पूरी नहीं की और न ही कोई लेटर निकाला। इसके विरोध में बुधवार से यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर अनिश्चितकालीन धरना लगा दिया। तब से धरने पर बैठे हैं। यूनिवर्सिटी से हॉस्टल वार्डन उनसे बातचीत को आते हैं, पर सहमति नहीं बन पाई।
छात्रों का आरोप है कि वार्डन को फीस बढोतरी या अन्य कोई जानकारी तक नहीं है। वे उनकी मांग सुनकर चले जाते हैं और कहते कि अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। मांग पत्र पहले ही सौंपा जा चुका है, इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन उनको पूरा नहीं कर रहा है।

सोमवार को वीसी ऑफिस के बाद प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राएं
