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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में शनिवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर रहे आप नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, मंत्री हरपाल चीमा और हरदीप मुंडियां समेत सैकड़ों नेताओं को दो घंटे बाद दोपहर दो बजे छोड़ दिया। सुबह 10 बजे चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च के दौरान बैरिकेडिंग पर पुलिस से धक्कामुक्की हुई। पुलिस नेताओं को बसों में बैठाकर सेक्टर-17 थाने ले गई। आप नेता मनीष सिसोदिया समेत अन्य प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि कभी मतदाता सूचियों से फर्जी वोटरों को हटाने की मांग करने वाले केजरीवाल अब एसआईआर का विरोध कर रहे हैं। दिल्ली चुनाव के आंकड़े गिनाए सिसोदिया ने दावा किया कि दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र में 40 हजार वोट काटे गए जबकि वह करीब चार हजार वोटों से हारे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में 28 हजार वोट कटने और करीब 600 वोटों से हारने का भी दावा किया। चीमा बोले-लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नेताओं को हिरासत में लेने को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। चीमा ने कहा कि पंजाब के युवा वोट चोरी से नहीं डरेंगे और लोकतंत्र, संविधान तथा मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे। चंडीगढ़ में SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सिसोदिया, हरपाल चीमा व अन्य। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पुलिस से धक्कामुक्की
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चंडीगढ़ में सिसोदिया व चीमा समेत कई आप नेता हिरासत में
