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महिला ने गढ़ी नवजात अपहरण की झूठी कहानी:लाल रंग लगा कर दिखाई झूठी डिलीवरी,पुलिस जांच में खुलासा, गलत रिपोर्ट पर कार्रवाई




बेमेतरा के नवागढ़ में 20 साल की महिला ने गर्भवती होने और नवजात को दो महिलाओं द्वारा चोरी कर ले जाने की झूठी कहानी गढ़ दी। जेवरा-एस गांव की 20 वर्षीय महिला ने परिवार के लोगों की नजरों में गलत साबित होने से बचने के लिए प्रेग्नेंट होने और प्रसव के बाद बच्चा चोरी होने की कहानी गढ़ी थी। उसने पुलिस को बताया था कि घर में अकेली रहने के दौरान दो अज्ञात महिलाएं आईं और प्रसव कराने के बाद नवजात को अपने साथ ले गईं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और महिला का मेडिकल टेस्ट कराया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच में महिला के प्रेग्नेंट होने या प्रसव होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद महिला ने परिजनों और गांव के लोगों की मौजूदगी में स्वीकार किया कि बच्चा चोरी होने की घटना की कहानी उसने खुद बनाई थी। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत कार्रवाई की है। जानिए पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, महिला तीजन वर्मा ने 3 अक्टूबर को नवागढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके सास-ससुर और देवर मुंगेली जिले के ग्राम दलपुरवा में एक मरनी कार्यक्रम में गए थे। वहीं, उसका पति पुनेश्वर वर्मा दोपहर करीब 12:30 बजे बकरियां चराने तालाब की ओर गया था। महिला के मुताबिक, घर में अकेली रहने के दौरान दो अज्ञात महिलाएं आईं। उसने आरोप लगाया था कि उन महिलाओं ने प्रसव कराया और नवजात को अपने साथ ले गईं। शिकायत में बच्चा चोरी होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। पुलिस ने महिला की शिकायत पर धारा 137(2) और 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया। घटनास्थल की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, ताकि कथित घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल की जा सके। तीसरी बार भी गर्भ ठहरने के बाद अबॉर्शन पुलिस जांच में सामने आया कि शादी के बाद महिला दो बार प्रेग्नेंट हुई थी, लेकिन दोनों बार अबॉर्शन हो गया था। इसके बाद फरवरी 2026 में तीसरी बार गर्भ ठहरने की बात बताने के बावजूद दोबारा अबॉर्शन हो गया। पुलिस के अनुसार, महिला को आशंका थी कि अबॉर्शन की बात सामने आने पर परिवार के लोग उसे गलत समझेंगे। इसी वजह से उसने परिवार के सामने खुद को गर्भवती बताना जारी रखा। पुलिस के मुताबिक, परिवार को प्रेग्नेंट होने का विश्वास दिलाने के लिए महिला साड़ी को दोहरा मोड़कर पहनती थी, ताकि उसका पेट प्रेग्नेंट महिला जैसा दिखाई दे। इस तरह उसने परिवार के सामने गर्भवती होने की बात छिपने नहीं दी, जबकि वास्तविकता में अबॉर्शन हो चुका था। शरीर पर रंग लगाकर प्रसव होने जैसा दृश्य बनाया पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर को जब परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, तब महिला ने अपने शरीर पर आलता-माहुर रंग लगाया और प्रसव होने जैसी स्थिति बनाई। पति के घर लौटने पर उसने बताया कि पेट में दर्द होने के कारण वह गली के दरवाजे के पास गई थी। वहां एक अज्ञात महिला खड़ी थी। मदद के लिए बुलाने पर वह दूसरी महिला के साथ आई और दवा पिलाकर प्रसव कराने के बाद बच्चे को अपने साथ ले गई। इसी कहानी के आधार पर महिला ने थाने में बच्चा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की पूछताछ और घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान शिकायत में बताए गए घटनाक्रम पर संदेह हुआ। इसके बाद जांच में महिला के प्रेग्नेंट होने और प्रसव की स्थिति की पुष्टि करने के लिए मेडिकल टेस्ट कराया गया। मेडिकल जांच में गर्भावस्था और प्रसव की पुष्टि नहीं पुलिस के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में घटना से करीब 4-5 सप्ताह पहले तक गर्भवती होने या प्रसव होने की पुष्टि नहीं हुई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद महिला ने अपने माता-पिता, सास-ससुर, पति और गांव के अन्य लोगों की मौजूदगी में स्वीकार किया कि उसने गर्भवती होने और नवजात को दो अज्ञात महिलाओं द्वारा ले जाने की झूठी कहानी बनाई थी। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि न तो उसका प्रसव हुआ था और न ही कोई बच्चा उसे ले जाने आया था। इस तरह पुलिस की जांच में बच्चा चोरी होने की शिकायत झूठी पाई गई। एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने की जांच मामले की जांच पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन और एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिजनों सहित आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर शिकायत की सच्चाई सामने आई। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में महिला के खिलाफ BNS की धारा 217 के तहत कार्रवाई की है। बेमेतरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना देते समय सही और तथ्यात्मक जानकारी दें तथा झूठी शिकायत दर्ज कराने से बचें।



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