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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह की प्रतिमा को लेकर भाजपा नेता व पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रधान परगट सिंह पर निशाना साधा है। स्व. बेअंत सिंह और इंदिरा गांधी की प्रतिमाओं को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है। बिट्टू ने कहा कि अगर परगट सिंह को सरदार बेअंत सिंह के बुत से कोई एतराज है, तो उन्हें बता दें। उनका परिवार पूरे मान-सम्मान के साथ बुत को वहां से हटाकर सेक्टर-42, चंडीगढ़ स्थित उनकी समाधि पर स्थापित कर देगा।हालांकि आज पहली बार देखने को मिला कि नए बने प्रधान जब तीनों बुतों के सामने जाते है तो वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चित्र पर हार और फूल चढ़ाते है। परगट सिंह ने इंदिरा गांधी जी के बुत को छोड़ा। इसी स्व. बेअंत सिंह के बुत पर भी हार नहीं डाला। लेकिन बता दूं कि कांग्रेस के प्रत्येक वर्कर के दिल में स्व.बेअंत सिंह है। बिट्टू ने कहा कि मेरा कांग्रेस से कोई लेनदेना नहीं फिर भी मैं कहना चाहूंगा कि पिछले दिन प्रधान परगट सिंह जब अपना पदभार संभालने गए तो उन्होंने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर तस्वीरें और वीडियो शेयर की। जिसमें कांग्रेस भवन में लगे 3 बुत जिन्हें कैप्टन अमरेन्द्र सिंह और शमशेर दूल्लों के समय लगवाया गया था। बेअंत सिंह ने अमन-शांति के लिए अपनी जान कुर्बान की बिट्टू ने कहा कि सरदार बेअंत सिंह ने पंजाब में अमन-शांति के लिए अपनी जान कुर्बान की थी। उनके परिवार के लिए उनका सम्मान करना गर्व की बात है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पंजाब कांग्रेस की सोच अपने ही नेताओं के प्रति क्यों बदल रही है? बेअंत सिंह का बलिदान पूरे पंजाब के लिए था: बिट्टू रवनीत बिट्टू ने कहा कि सरदार बेअंत सिंह ने पंजाब में शांति और अमन कायम रखने के लिए अपना जीवन कुर्बान किया। उनका बलिदान किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे पंजाब के लोगों के लिए था। ऐसे में उनके बुत और विरासत का सम्मान किया जाना चाहिए।
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बेअंत सिंह की प्रतिमा पर हार नहीं चढ़ाने पर सियासत:बिट्टू बोले-मेरे दादा ने अमन-शांति के लिए शहादत दी; परगट को एतराज है तो बता दें
