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जस्टिस भाटी बोले- आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का:इसे अपनाना चाहिए; पाली कोर्ट परिसर में 12 नए कक्षों का लोकार्पण




इंटरनेशनल जस्टिस डे के अवसर पर शुक्रवार को पाली जिला कोर्ट परिसर में नवनिर्मित 12 न्यायालय कक्षों और वल्नरेबल एविडेंस सेंटर का लोकार्पण किया गया। समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा, जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और पाली न्याय क्षेत्र के संरक्षक न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप माथुर सहित न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। तकनीक और एआई को अपनाने की बताई जरूरत
समारोह में जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि न्यायपालिका तेजी से तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रही है। आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का है, इसलिए न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों को इसे अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से न्याय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बन सकती है। जस्टिस भाटी ने कहा कि 17 जुलाई को आयोजित यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन दुनिया भर में इंटरनेशनल जस्टिस डे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1998 में रोम चार्टर के बाद इस दिवस की शुरुआत हुई थी। यह दिन न्यायाधीशों या वकीलों का नहीं, बल्कि आम नागरिकों के न्याय और अधिकारों को समर्पित है। न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
महिला अधिवक्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए जस्टिस भाटी ने कहा कि वर्तमान में न्यायपालिका में हर वर्ष होने वाली करीब 70 प्रतिशत नियुक्तियां महिला न्यायाधीशों की हो रही हैं। उन्होंने बार एसोसिएशन और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से महिला वकीलों को आगे बढ़ाने और उन्हें अधिक अवसर देने का आह्वान किया। पीपीपी मॉडल अपनाने की सलाह
पाली न्याय क्षेत्र के संरक्षक न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप माथुर ने कहा कि न्याय केवल भवनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने न्यायालय परिसर को अपना घर मानकर उसकी स्वच्छता और रखरखाव पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बार एसोसिएशन से कहा कि पानी की टंकी, पुस्तक रैक जैसी छोटी सुविधाओं के लिए सरकार पर निर्भर रहने के बजाय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाकर स्वयं संसाधन जुटाने की पहल करनी चाहिए। 12 नए न्यायालय कक्षों का लोकार्पण किया
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमलता भारती ने अतिथियों के स्वागत से की। जिला न्यायालय परिसर पहुंचने पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा, जस्टिस डॉ. पी.एस. भाटी और जस्टिस कुलदीप माथुर का तिलक एवं पुष्प वर्षा से अभिनंदन किया गया। इसके बाद जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार की अगुवाई में प्रथम और द्वितीय तल पर बने 12 नए न्यायालय कक्षों का लोकार्पण किया गया। समारोह में बार अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने अधिवक्ताओं की समस्याएं और मांगें रखीं, जबकि बार सचिव मुकुल सोनी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश गोरा, शरद तंवर, जगदीश जानी, निहालचंद, कविता कच्छावाह, अभिशा चारण, मनीषा चारण, भव्या झारवाल सहित अधिवक्ता सद्दाम काजी, विशिष्ट लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा, एडवोकेट हेमाराम, प्रवीण साहु, भवानीसिंह, कुसुम मेवाडा, कुसुम पंवार, मोनिका आदि मौजूद रहे।



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