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AI-प्राकृतिक खेती से हरियाणा बनेगा कृषि का नया मॉडल:पंचकूला में CM बोले- 2 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; हर जिले में बनेगा कलस्टर




पंचकूला में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा अब विजन-2035 और हरित क्रांति 2.0 के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। प्राकृतिक खेती केवल खेती का तरीका नहीं, बल्कि किसान, प्रकृति और भविष्य को जोड़ने वाला विकास मॉडल है। यदि प्राकृतिक खेती की परंपरागत समझ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाए, तो हरियाणा देश के लिए कृषि का नया मॉडल बन सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी। अब तक हरियाणा में करीब 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि का प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है। केवल वर्ष 2025-26 में 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की गई है। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां अब तक 13,300 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 6,234 सरपंचों को भी प्रशिक्षित कर गांव-गांव प्राकृतिक खेती का संदेश पहुंचाया गया है। देसी गाय पर बढ़ाई सब्सिडी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी गई है। वहीं APEDA प्रमाणित प्राकृतिक एवं जैविक किसानों को पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक और जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में अलग से स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। हर जिले में बनेगा मॉडल प्राकृतिक खेती क्लस्टर मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरणसिंह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जा रही है। इसके साथ ही क्लस्टर आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल लागू किया जाएगा। प्रत्येक जिले में कम से कम एक मॉडल क्लस्टर विकसित होगा, जिसमें 100 या उससे अधिक किसान शामिल होंगे और 250 से 400 एकड़ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाएगा। ‘हरियाणा प्रकृति’ बनेगा नया ब्रांड मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘हरियाणा प्रकृति’ नाम से ऐसा ब्रांड विकसित करेगी, जो वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि एग्री स्टार्टअप, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, AI आधारित कृषि समाधान और जैविक उत्पादों के वैश्विक बाजार किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएंगे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी मिट्टी को स्वस्थ बनाने और प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लें।



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