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Ajay Singh Burhanpur Visit Controversy


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ऐसा स्वागत… कि चमक गए पूर्व नेता प्रतिपक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का बुरहानपुर में ऐसा स्वागत हुआ कि वे सहम गए। दहशत में आ गए और कुछ देर के लिए सन्न रह गए।

हुआ यूं कि अजय सिंह कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी के घर पहुंचे थे, जहां उनके स्वागत में हवाई फायर किया गया। जैसे ही उन्हें माला पहनाई जा रही थी, तभी फायर हुआ। अचानक हुई फायरिंग से वे कुछ देर के लिए दहशत में आ गए। उन्हें फायर करने वाले से कहना पड़ा- अरे, मत चला भाई।

हालांकि, फायरिंग वाले स्वागत का बाकायदा मंच से अनाउंसमेंट किया गया था। मंच से कहा गया कि अब बंदूक चलाकर स्वागत किया जा रहा है। इसके बाद हवाई फायर किया गया। इतना ही नहीं, दोबारा फायर हुआ तो उसमें भी अजय सिंह चमक गए।

अब लोग इस घटनाक्रम पर चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि नेता जी दहशत में आए तो आए, बस नेतागिरी चमकनी चाहिए। हुआ भी कुछ ऐसा ही- नेता भी चमक गए और फायरिंग वाला स्वागत करने वाले नेता भी चमक गए।

बुरहानपुर में अजय सिंह के स्वागत में हवाई फायरिंग की गई, जिससे वे चमक गए।

बुरहानपुर में अजय सिंह के स्वागत में हवाई फायरिंग की गई, जिससे वे चमक गए।

चर्चा में आया मंत्री सिलावट के हाथ का मूवमेंट मध्य प्रदेश सरकार में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पिछले दिनों केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिलने गए थे। वे उन्हें समझाने गए थे कि सरकार उनकी बेहतरी के लिए काम कर रही है। इसी दौरान विस्थापितों से बातचीत का उनका एक रोचक वीडियो सामने आया है।

मंत्री तुलसी सिलावट ने एक ग्रामीण से पूछा कि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन है? इस पर ग्रामीण ने कहा कि नाम तो नहीं जानता, लेकिन मुख्यमंत्री तो है। इसके बाद सिलावट ने उन्हें बताया कि मुख्यमंत्री का नाम डॉ. मोहन यादव है।

फिर शायद यह सोचकर कि जब ये मुख्यमंत्री को ही नहीं पहचान रहे हैं तो मुझे क्या पहचानेंगे, मंत्री तुलसी सिलावट ने खुद अपना परिचय दिया। उन्होंने कहा कि मैं इंदौर से आया हूं। तुलसी सिलावट मेरा नाम है। फिर पूछा- मैं कौन-सा मंत्री हूं? इसके बाद खुद ही बता दिया- जल वाला होता है न, जल वाला… सिंचाई मंत्री।

अब मंत्री ने जिस अंदाज में अपना विभाग बताया, वह चर्चा में आ गया है। मंत्री खुद को जल वाले विभाग का बता रहे थे, लेकिन हाथ का मूवमेंट और उनका इशारा कुछ और ही कह रहा था। जिस पर लोग कह रहे हैं- ये कौन-सा जल वाला विभाग है, भाई?

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिले जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट।

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिले जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट।

गड्ढों वाली सड़कों में ही मंत्री जी का ‘आनंद’ मध्य प्रदेश सरकार में आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल इस बात से ही आनंदित हैं कि भले ही सड़कें गड्ढों वाली हों, जर्जर हों या खस्ताहाल हों, लेकिन सड़कें तो हैं। पहले तो सड़कें ही नहीं थीं।

मंत्री दमोह जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र पथरिया में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा कि सड़कों में गड्ढे बहुत हैं। इस पर मंत्री ने कहा- अपने दद्दा से पूछना, कभी सड़क देखी है? अरे, सड़क ही नहीं थी। हम तो तुम्हें गड्ढे दिखा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि आजकल के नए लोगों ने पहले की परेशानियां नहीं देखीं। उन्होंने अच्छा ही अच्छा देखा है, इसलिए उन्हें गड्ढे दिख रहे हैं। पहले तो सड़क होती ही नहीं थी।

अब लोग इस पर तंज कर रहे हैं कि ये भी महान उपलब्धि है। पहले तो सड़कें ही नहीं थीं, अब कम से कम गड्ढे तो दिख रहे हैं। मंत्री का विभाग ही आनंद वाला है, शायद वे यही कहना चाह रहे हैं कि जो है, उसका ही आनंद लो।

आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पहले तो सड़कें ही नहीं होती थी।

आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल ने कहा कि पहले तो सड़कें ही नहीं होती थी।

कार्रवाई रुकवाने के लिए सांसद का फोन कॉल खंडवा में भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का एक फोन कॉल चर्चा में आ गया है। हुआ यूं कि प्रशासन की टीम एक शराब दुकान के अहाते को तोड़ने की कार्रवाई कर रही थी।

तभी सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर के पास भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का फोन आया। बताया जा रहा है कि सांसद ने तोड़फोड़ की कार्रवाई रुकवाने के लिए फोन किया।

हालांकि, अधिकारी ने आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया और सांसद से कह दिया कि आप कलेक्टर साहब से बात कर लीजिए।

बताया जा रहा है कि जिस शराब दुकान के अहाते पर कार्रवाई की गई, उसका ठेका भाजपा नेता मनोज जायसवाल के पास है, जो सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के करीबी बताए जाते हैं।

खंडवा में शराब अहाते पर कार्रवाई करने गए अफसर को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने फोन किया।

खंडवा में शराब अहाते पर कार्रवाई करने गए अफसर को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने फोन किया।

इनपुट सहयोग – रईस सिद्दिकी (बुरहानपुर), सावन राजपूत (खंडवा), कैलाश दुबे (दमोह)

ये भी पढ़ें – बीच भाषण में भड़के सिंधिया, कहा-नेतागिरी मत करो: भाजपा विधायक बोले-सालभर बाद महाराज की फिल्म हिट होगी

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बीच भाषण में नारेबाजी से नाराज हो गए। उन्होंने नारे लगा रहे लोगों से कहा- यहां नारेबाजी और नेतागिरी मत करो। उसके लिए नेता के पास जाओ। फिर शायद सिंधिया को लगा कि उनकी बात से लोग नाराज न हो जाएं, तो उन्होंने तुरंत मामला संभालते हुए कहा कि मैं तो घर का मुखिया हूं, नेता नहीं हूं। कोई परेशानी हो तो मेरे पास आओ। पूरी खबर पढ़ें



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