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चंडीगढ़ में सरकारी क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) सतपाल का झज्जर में पैतृक गांव जाखोदा में अंतिम संस्कार दिया गया। पुलिस की ओर से अंतिम विदाई में सलामी दी गई। परिवार इसे सुसाइड मानने को तैयार नहीं। भतीजे ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- निष्पक्ष जांच जरूरी है। शायद वो किसी केस को लेकर परेशान थे। 10 अक्टूबर को ही सतपाल का 51वां जन्मदिन था। 13 अक्टूबर को उनकी बहन को अपनी बेटे की शादी का न्योता देने आना था। सतपाल की भांजे की 18 अक्टूबर को सोनीपत के रोलद गांव में शादी थी, जिसमें भात भरना था। इसके लिए छुट्टी अप्लाई की थी। सतपाल की मौत को लेकर परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि वे इस घटना को सुसाइड मानने के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार के मुताबिक सतपाल मजबूत स्वभाव के थे और ऐसा कदम उठा सकते हैं, यह बात उन्हें स्वीकार नहीं हो रही। मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। सबसे पहले जानिये…पुलिस की अभी तक की क्या थ्यूरी प्रारंभिक तौर पर सुसाइड की 2 वजह मानी गई 30 दिन की छुट्टी मांगी, 5 दिन की मिली: सतपाल किस बात को लेकर परेशान थे, इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक तौर पर दो वजह मानी जा रही है। सहकर्मियों के अनुसार, उन्होंने भांजे की शादी के लिए 30 दिन की अर्न्ड लीव (EL) मांगी थी, लेकिन उन्हें सिर्फ 5 दिन की ही मिली। इसी कारण रविवार को परिवार को रोहतक भेजकर उन्होंने दोबारा छुट्टी के लिए आवेदन किया था, जो मंजूर नहीं हुआ। पत्नी और बच्चे चले गए थे और सतपाल को छुट्टी मिलने के बाद जाना था। दो भाइयों की मौत से तनाव में थे: सहकर्मियों के मुताबिक, सतपाल के दो बड़े भाइयों की कुछ समय पहले ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद से ही वे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उनके तीसरे बड़े भाई राजकुमार हरियाणा पुलिस में डीएसपी पद से रिटायर हुए हैं। सबसे छोटे सतपाल के ऊपर भांजे की शादी की जिम्मेदारी थी। इसी बीच छुट्टी न मिल पाने के कारण वे और भी ज्यादा तनाव में आ गए। अब जानिये…परिवार सुसाइड मानने को क्यों तैयार नहीं
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ASI की मौत को सुसाइड नहीं मान रहा परिवार:भतीजा बोला-किसी केस को लेकर परेशान थे; चंडीगढ़ सरकारी क्वार्टर में फंदे पर मिले
