बेगूसराय के एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने आज मटिहानी के विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को बरी कर दिया है। दरअसल, साल 2014 में सिंघौल ओपी क्षेत्र में अंग्रेजी ढ़ाला के समीप कथित रूप से विवादित जमीन पर घेराबंदी के दौरान उपद्रव हुआ था। घटना के बा
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आरोप लगाया गया था कि अंग्रेजी ढ़ाला के समीप जमीन को लेकर मटिहानी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह एवं कांग्रेस यादव के बीच विवाद चल रहा था। 19 मार्च 2014 को सुबह करीब 9:45 बजे बोगो सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां चारदिवारी करवा रहे थे। कांग्रेस यादव वहां पहुंचे, इसी बीच दोनों पक्ष के समर्थकों के बीच मारपीट एवं रोड़ेबाजी होने लगी।
इस दौरान विवाद बढ़ने पर डीएसपी एवं डीसीएलआर मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। जिसमें आत्मरक्षा के लिए डीएसपी के अंगरक्षक एवं एक सिपाही को छह राउंड फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गया था।
एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी होने के बाद विधायक बोगो सिंह

बरी होने के बाद वकीलों और समर्थकों का अभिवादन करते विधायक बोगो सिंह।

फैसले के बाद वकीलों के साथ मटिहानी विधायक बोगो सिंह।
पुलिस ने बोगो सिंह को हिरासत में लिया था, जमानत मिल गई थी
इस मामले में पुलिस ने उस समय बोगो सिंह को हिरासत में ले लिया। लेकिन जमानत मिल गई थी। तब से यह मामले का ट्रायल न्यायालय में चल रहा था। केस ट्रांसफर होने पर बेगूसराय न्यायालय के एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज ब्रजेश कुमार सिंह के न्यायालय में कल बहस पूरा कर लिया गया। जिसके बाद आज फैसला सुनाते हुए विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को रिहा कर दिया गया।
वकील संजीत कुमार ने बताया कि 2014 में हुए इस घटना से संबंधित चार मुकदमा एक साथ दर्ज किया गया था। केस नंबर- 98/14 में विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह और कांग्रेस यादव के खिलाफ चार्जशीट सबमिट किया गया। लेकिन कांग्रेस यादव शुरू से ही फरार रहे। इसके बाद ट्रायल सेपरेट करके नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह के खिलाफ एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई कराई गई। कोई भी गवाह मुकदमा को सही साबित नहीं कर सके।
वकील विजय महाराज ने कहा कि आज जो जजमेंट हुआ, उसे देखकर लगता है कि न्याय बचा हुआ है। इस केस से स्पष्ट होता है कि खुन्नस के कारण बोगो सिंह को फंसाया गया था। मात्र एक आदमी पर धारा-149 लगाया गया था जो कि कम से कम पांच लोग पर लगता है। धारा-307 लगाया गया तो इंजुरी भी सिंपल था। साबित नहीं हुआ कि बोगो सिंह द्वारा फेके गए पत्थर से किसी को चोट आई थी। आईओ ने भी किसी प्रकार का साक्ष्य नहीं मिलने की बात कोर्ट में कहा।
बोगो सिंह बोले- हमारे वकील 12 साल से केस को लेकर तपस्या कर रहे थे
बरी होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने कहा कि महादेव, जगत जननी भगवती, माता-पिता और समाज के आशीर्वाद, समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले गरीब मध्यम वर्गीय के संस्कारों से हम संस्कारित हुए हैं। उसे संस्कार के बल पर जब तक शरीर में सांस रहेगा, समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा बेटा बनकर करता रहूंगा।
हमारे अधिवक्ता 12 वर्ष तक केस को लेकर अध्ययन और तपस्या कर रहे थे। इनके परिश्रम का फल है कि विजय श्री मिला है, उनके आशीर्वाद से मैं आज रिहा हुआ। मुझे विधायिका और कार्यपालिका पर भरोसा नहीं है। लेकिन न्यायपालिका पर शुरू से भरोसा रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास था कि लोकतंत्र की रक्षा न्यायपालिका के माध्यम से होगी।
