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CJP प्रोटेस्ट पर भड़कीं कंगना रनोट:बोलीं- देशद्रोही और आतंकी ताकतें बेनकाब हो रहीं; देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही




अभिनेत्री कंगना रनोट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व को ‘देशद्रोही और आतंकी ताकतें’ करार दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बाद कंगना का यह बयान सामने आया है। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए करीब 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया। अयोध्या जाते समय लखनऊ में कंगना ने कहा कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है और अब आम लोग ही इन ताकतों को पकड़कर जवाब मांगेंगे। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुंची थीं अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाते समय लखनऊ पहुंचीं कंगना रनोट से जब दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि देशविरोधी ताकतों का सच अब उजागर हो रहा है। कंगना ने कहा कि पुलिस की बात तो अलग है, अब आम जनता खुद इन लोगों को पकड़ेगी और सवाल पूछेगी क्योंकि लोगों ने इन्हें पहचानना शुरू कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि देश की सुरक्षा के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। इलॉन मस्क पर भी भड़कीं थीं कंगना रनोट कंगना रनोट ने इलॉन मस्क और भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस में देरी पर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन किया। कंगना ने सोशल मीडिया एक्स’ पर हासन की टिप्पणी की तारीफ की। कमल हासन ने कहा था कि भारत किसी का गुलाम नहीं है। कोई अरबपति नहीं, जनता भारत की नीतियां तय करेगी। इस पर कंगना ने मस्क पर तंज कसा, “ओह!! यह तो चुभ गया होगा। बहुत अच्छी बात कही और इसे अच्छी तरह समझाया। तीखा, सटीक और व्यंग्यात्मक।” दरअसल इलॉन मस्क ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने पर सवाल उठाए थे। मस्क ने X पर लिखा कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार के हर कानून और जरूरी शर्त का पालन कर रही है। इसके बावजूद उसे भारत में लाइसेंस क्यों नहीं मिला है? क्या अंबानी देश के रियल बॉस हैं? जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले 7 हजार डिटेन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने 41 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर पूरे सेंट्रल दिल्ली को छावनी में बदल दिया। शनिवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें CJP के नेता, चार पूर्व मुख्यमंत्री, छात्र और वकील शामिल थे। हालांकि, इनमें से ज्यादातर लोगों को शाम तक छोड़ दिया गया, लेकिन जंतर-मंतर और दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी रखी गई है। 3 महीने पहले शिक्षा मंत्री का लिया था इस्तीफा CJP ने तीन महीने पहले भी एक बड़ा आंदोलन चलाया था, जिसके दबाव में तत्कालीन शिक्षा मंत्री को अपना इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही यह संगठन लगातार प्रशासनिक और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। ये खबर भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट बोला- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में न लें:मेट्रो-इंटरनेट बहाल करें; CJP प्रदर्शन में 45 मेट्रो स्टेशन बंद और 7000 लोग कस्टडी में लिए थे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो-ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट बाधित करने और लोगों को हिरासत में लेने से जुड़ी याचिकाओं पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने सुनवाई की। पूरी खबर पढ़ें



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