स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया है। भारत ने इस महाकुंभ में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते हैं।
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इस सफलता में बिहार के खिलाड़ियों ने भी बड़ा योगदान देते हुए इतिहास रच दिया है। राज्यवार पदक योगदान की सूची में बिहार एक स्वर्ण और एक कांस्य सहित कुल दो पदकों के साथ देश में चौथे स्थान पर रहा है।
हरियाणा पहले और बिहार चौथे पायदान पर
राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों के राज्यवार योगदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा 11 पदकों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद 4 पदकों के साथ मणिपुर दूसरे और 3 पदकों के साथ तमिलनाडु तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, 2 पदकों के साथ बिहार ने पूरे देश में चौथा स्थान हासिल कर राज्य का मान बढ़ाया है।

सोमन राणा ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 13.40 मीटर गोला फेंक गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
गयाजी के सोमन राणा ने रचा इतिहास
बिहार के गयाजी जिले के रहने वाले पैरा एथलीट सोमन राणा ने एफ-57 वर्ग की गोला फेंक (शॉटपुट) स्पर्धा में अपना दमखम दिखाया। उन्होंने 13.40 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही सोमन राणा ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में शॉटपुट स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिया है।

इंडियन आर्मी में सिपाही के पोस्ट पर तैनात रहे हैं सोमन राणा।
झंडू कुमार ने खोला था भारत का खाता
नालंदा जिले के रहने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर देश और राज्य का सिर फक्र से ऊंचा किया। उन्होंने 190 किलोग्राम का भार उठाकर 130.9 अंक अर्जित किए। सबसे खास बात यह रही कि राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का पदक का खाता भी झंडू कुमार के इसी कांस्य पदक के साथ खुला था।

जीत के बाद मेडल के साथ झंडू कुमार।

झंडू के मां-पिता आलू-प्याज की दुकान लगाते हैं।
‘सरकारी प्रयासों और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम’
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार के इस दमदार प्रदर्शन पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने में बिहार का चौथे स्थान पर रहना बहुत बड़े गर्व का विषय है। यह उपलब्धि बिहार सरकार की ओर से खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का ही सकारात्मक परिणाम है।
सोमन राणा और झंडू कुमार की प्रतिभा और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि इनकी यह सफलता राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा बनेगी। उन्हें बड़े मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत से न सिर्फ विश्व पटल पर तिरंगे की शान बढ़ाई है, बल्कि बिहार का नाम भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
