गुरुग्राम16 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

गुरुग्राम में रेलवे अंडरपास पर हाइटगेट गिरने से क्षतिग्रस्त कार।
गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू इलाके में रविवार को एक बेहद हैरान करने वाला हादसा सामने आया। यहां रेलवे अंडरपास से गुजर रही मारुति कार पर लोहे का भारी-भरकम हाइटगेज अचानक गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि कार चला रहे बालाजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक श्यामवीर सिंह बाल-बाल बच गए।
यह हादसा इतना भयानक था कि अगर कार में उसकी वाइफ होती, तो उसे गंभीर चोट आ सकती थी, क्योंकि हाइटगेज सीधे साइड वाली सीट पर गिरा। उसकी जान जा सकती थी। चंद मिनट पहले ही उसकी वाइफ गाड़ी से उतर गई थी।
हादसे की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जीआरपी के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संबंधित रेलवे कॉन्ट्रैक्टरको भी मौके पर तलब किया। जीआरपी अधिकारियों की तरफ से पीड़ित श्यामवीर को आश्वासन दिया गया है कि क्षतिग्रस्त हुई कार की मरम्मत का पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार द्वारा उठाया जाएगा।

गुरुग्राम में रेलवे अंडरपास पर हाइटगेट गिरने से कार लेफ्ट साइड से क्षतिग्रस्त हो गई।
पत्नी को छोड़ने के बाद स्कूल जा रहे थे संचालक बालाजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक श्यामवीर सिंह ने बताया कि वह रोजाना की तरह सुबह अपनी पत्नी को गंतव्य पर छोड़ने के बाद कार से वापस स्कूल की तरफ जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी गढ़ी हरसरू रेलवे अंडरपास के नीचे पहुंची, ऊपर लगा विशालकाय लोहे का हाइटगेट अचानक कार के अगले हिस्से और बोनट पर आ गिरा।
जोरदार आवाज के साथ हुए इस हादसे के बाद वह घबरा गए। हादसा होते ही आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद श्यामवीर को सुरक्षित बाहर निकाला, जो पूरी तरह से सहमे हुए थे।

गुरुग्राम में रेलवे अंडरपास पर हाइटगेट गिरने के बाद मौके पर जुटे राहगीर।
न वेल्डिंग की, न लगाए नट हादसे के बाद जब लोगों और रेलवे अधिकारियों ने मौके की जांच की, तो रेलवे और संबंधित निर्माण एजेंसी की एक बेहद गंभीर लापरवाही उजागर हुई। दरअसल, इस भारी-भरकम लोहे के हाइटगेट को यहां बेहद ही गैर-जिम्मेदाराना और अस्थाई तरीके से खड़ा किया गया था।
रेलवे अंडरपास पर भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाए गए इस गेट में न तो सुरक्षा के लिहाज से नट-बोल्ट कसे गए थे और न ही इसकी वेल्डिंग की गई थी। इसे सिर्फ ढांचा बनाकर खड़ा छोड़ दिया गया था, जो किसी भी समय एक बड़े जानलेवा हादसे को दावत दे रहा था।

गुरुग्राम में रेलवे अंडरपास पर लगे इस हाइटगेट पर न तो नट लगे थे और न ही वेल्डिंग कर रखा था।
स्थानीय निवासियों ने की जांच की मांग इस घटना के बाद से गढ़ी हरसरू और आसपास के ग्रामीणों में रेलवे प्रशासन और ठेकेदारों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना इस व्यस्त अंडरपास से सैकड़ों स्कूली बच्चे और राहगीर गुजरते हैं। ठेकेदार की इस लापरवाही ने किसी की जान भी ले ली होती।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और साइबर सिटी के सभी अंडरपासों पर सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

