Headlines

ICU में बेडसाइड अल्ट्रासाउंड से वेंटिलेटर मैनेजमेंट तक सीखी तकनीक:एमपी क्रिटिकॉन में 150 डॉक्टरों ने कार्यशालाओं में लिया प्रशिक्षण




गंभीर मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर मध्यप्रदेश के आईसीयू विशेषज्ञों ने दो दिन मंथन किया। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (आईएससीसीएम) भोपाल सिटी ब्रांच के तत्वावधान में आयोजित एमपी क्रिटिकॉन 1.0 के तहत शनिवार को तीन अलग-अलग केंद्रों पर क्रिटिकल केयर प्रशिक्षण कार्यशालाएं हुईं। इनमें करीब 150 डॉक्टरों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। रविवार को होटल मैरियट में मुख्य कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 250 चिकित्सक व विशेषज्ञ शामिल हुए। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी), एलएन मेडिकल कॉलेज और चिरायु मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशालाओं में पोकस यानी आईसीयू अल्ट्रासाउंड, मैकेनिकल वेंटिलेशन और हेमोडायनेमिक मॉनिटरिंग पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने डॉक्टरों को इन तकनीकों के बेडसाइड उपयोग, वेंटिलेटर प्रबंधन और गंभीर मरीजों की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। गंभीर मरीजों के इलाज में नई तकनीकों पर फोकस मुख्य कॉन्फ्रेंस में रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर, एब्डोमिनल एवं हेपेटिक क्रिटिकल केयर, न्यूरो क्रिटिकल केयर, कार्डियोवस्कुलर क्रिटिकल केयर और ट्रॉमा क्रिटिकल केयर जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और पैनल चर्चाएं हुईं। इसमें नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों के व्यावहारिक उपयोग पर भी चर्चा की गई। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य खासतौर पर युवा चिकित्सकों को क्रिटिकल केयर मेडिसिन की आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करना है, ताकि गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेहतर और उन्नत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड सम्मेलन में मध्यप्रदेश में क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनमें भोपाल के डॉ. आरसी अग्रवाल, इंदौर के डॉ. संजय धानुका और भोपाल के डॉ. राजेश भागचंदानी शामिल हैं। आयोजकों ने कहा कि एमपी क्रिटिकॉन 1.0 के जरिए प्रदेश में क्रिटिकल केयर मेडिसिन के क्षेत्र में प्रशिक्षण, विशेषज्ञता और आधुनिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *