नई दिल्ली1 घंटे पहले
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भारतीय रेलवे 15 जुलाई को IRCTC वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इस अपडेटेड पोर्टल में ट्रेन टिकट बुकिंग के लिए कैप्चा और पॉप-अप्स का ऑप्शन हटा दिया गया है।
इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले आसान हो जाएगी, साथ ही समय भी कम लगेगा। इसके अलावा, एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटों की अवेलेबलिटी भी दिखेगी।

MNIT जयपुर के छात्रों को लाइव डेमो दिया
लॉन्चिंग से पहले शुक्रवार को IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के अधिकारियों ने जयपुर में मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों को इस नए बीटा वर्जन का लाइव डेमो दिखाया।
रेलवे अधिकारियों ने पब्लिक रिलीज से पहले प्लेटफॉर्म के यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए छात्रों से उनका फीडबैक भी मांगा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया था भरोसा
इस पूरे बदलाव का बैकग्राउंड कुछ हफ्ते पुराना है। दरअसल, MNIT जयपुर के छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर उन्हें मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों और दिक्कतों के बारे में बताया था।
उस समय रेल मंत्री ने छात्रों को 15 जुलाई तक पोर्टल में बदलाव करने की बात कही थी। उसी वादे को पूरा करते हुए रेलवे ने इन छात्रों को लॉन्च से पहले रिव्यू के लिए खास तौर पर बुलाया था।
फास्ट चेकआउट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स
नए पोर्टल पर टिकट बुकिंग के स्टेप्स को कम किया गया है, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले से काफी फास्ट हो जाएगा। इसके अलावा, एक और नया फीचर प्लान किया गया है, जिसमें पहले से सेव की गई पैसेंजर डिटेल्स के जरिए दोबारा बुकिंग करना आसान हो जाएगा।
तत्काल बुकिंग में बॉट्स पर लगाम
अधिकारियों के अनुसार, तत्काल बुकिंग के दौरान ऑटोमैटिक बॉट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई उपाय किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि “यह एक निरंतर चलने वाली लड़ाई है। पहले के मुकाबले कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हमें अभी और प्रयास करने की जरूरत है। हम अपनी कोशिशें लगातार जारी रखेंगे।”
40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी बदलेगा रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रीडिजाइन की गई IRCTC वेबसाइट को फिलहाल भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि, “हम 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को बदल रहे हैं। हम बहुत जल्द इसे लॉन्च करेंगे।”
वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे बदलाव किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया किया जा रहा है।
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