CISF इंस्पेक्टर सोमप्रकाश और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी की सड़क हादसे में मौत हुई। आज दोनों का अंतिम संस्कार है। इनसेट में दोनों की फोटो।
झज्जर में चार दिन पहले जिस घर में पोते के जन्म पर कुआं पूजन हुआ था, आज उसी घर में मातम पसरा है।
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घर में बेटे के आने की खुशियां थीं, रिश्तेदार बधाई देने पहुंच रहे थे, लेकिन शनिवार शाम हुए सड़क हादसे ने परिवार की खुशियों को पलभर में दुख में बदल दिया।
दरअसल, CISF इंस्पेक्टर सोमप्रकाश (59) अपना इलाज करवाने एम्बुलेंस में गुरुग्राम जा रहे थे। तभी लौटते समय एम्बुलेंस ट्राले से टकरा गई। हादसे में सोमप्रकाश, उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी और एम्बुलेंस ड्राइवर प्रमोद की मौत हो गई। जबकि उनका बेटा पंकज घायल हो गया। तीनों मृतकों का आज (रविवार) को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

ट्राले में पीछे एम्बुलेंस घुसी। जिसमें CISF इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी की मौत हो गई।
चार दिन पहले पोते के जन्म की खुशी, अब घर में मातम
चार दिन पहले (मंगलवार) ही पंकज के घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार ने उसके जन्म पर कुआं पूजन किया था। रिश्तेदार और परिचित घर पहुंचकर बधाई दे रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही दिन में उसी घर में दादा-दादी की अंतिम विदाई की तैयारी करनी पड़ेगी। हादसे में पंकज भी घायल है। उसके दो बेटे हैं।
टांके कटवाने गुरुग्राम गए थे, लौटते समय हादसा
सोमप्रकाश कुछ समय पहले दिल्ली के महिपालपुर में ड्यूटी पर जाते हुए सड़क हादसे में घायल हुए थे। परिवार के अनुसार, बस से उतरकर सड़क पार करते समय पीछे से आई थार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। उनके सिर, गर्दन और पैर में गंभीर चोटें आई थीं।
गुरुग्राम के सिग्नेचर अस्पताल में उनका इलाज चला। ऑपरेशन के बाद हालत में सुधार हुआ था। शनिवार को टांके कटवाने के लिए सोमप्रकाश अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटे पंकज के साथ गुरुग्राम गए थे। वहां से लौटते समय पेलपा के पास एम्बुलेंस हादसे का शिकार हो गई।
पेलपा के पास ट्राले से भिड़ी एम्बुलेंस
शनिवार शाम करीब 6 बजे झज्जर-गुरुग्राम रोड पर पेलपा गांव के पास एम्बुलेंस आगे चल रहे ट्राले से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
उसमें सोमप्रकाश, उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी, बेटा पंकज और ड्राइवर प्रमोद सवार थे। प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई। सोमप्रकाश, लक्ष्मी देवी और पंकज को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान सोमप्रकाश और लक्ष्मी देवी की मौत हो गई, जबकि पंकज का इलाज चल रहा है।

घायल पंकज का झज्जर के एडवांटा हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
चार महीने बाद रिटायर होने वाले थे सोमप्रकाश
सोमप्रकाश CISF में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। परिवार के मुताबिक, करीब चार महीने बाद वो रिटायर होने वाले थे। पहले हादसे में घायल होने के बाद परिवार उनके ठीक होकर ड्यूटी से लौटने की उम्मीद कर रहा था।
एम्बुलेंस ड्राइवर प्रमोद अपने पीछे दो बेटियां छोड़ गए
एम्बुलेंस ड्राइवर प्रमोद (35) झज्जर के सीताराम गेट के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। एम्बुलेंस चलाकर वह परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे। हादसे में उनकी मौत के बाद दोनों बेटियों ने पिता को खो दिया।
पंकज प्राइवेट कंपनी में काम करते
घायल पंकज दादरी-तोए स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। परिवार में वह अपने माता-पिता और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। हादसे के बाद वह खुद अस्पताल में भर्ती है, जबकि माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है।
आज होगा अंतिम संस्कार
चार दिन पहले जिस परिवार में नवजात के आने पर कुआं पूजन हुआ था, रविवार को उसी परिवार में सोमप्रकाश और लक्ष्मी देवी का अंतिम संस्कार होगा। दूसरी ओर, प्रमोद के परिवार में भी उनकी दोनों बेटियों और परिजनों को अंतिम विदाई देनी होगी। पंकज अस्पताल में भर्ती है और परिवार एक साथ तीन मौतों के सदमे से गुजर रहा है।
