झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 का आयोजन 1 नवंबर को किया जाएगा। लंबे अंतराल के बाद होने वाली इस परीक्षा में 4.40 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अनुसार परीक्षा राज्य के विभिन्न केंद्रों पर दो पालियों में ह
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कक्षा 6 से 8 के लिए परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और कक्षा 1 से 5 के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। अभ्यर्थी 15 अक्तूबर से जैक की वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा। मुख्य गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

आधार कार्ड जरूरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक
परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ मूल आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच समेत किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक रहेगी।
जैक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थियों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अभ्यर्थी की पात्रता रद्द की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी अभ्यर्थी की स्वयं की होगी। जैक ने अभ्यर्थियों से परीक्षा से पहले सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने को कहा है, ताकि केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न हो।
दिव्यांग को 30 मिनट अतिरिक्त समय
दृष्टिबाधित, सीपी (सेरेब्रल पाल्सी) और दोनों हाथों से दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा में 30 मिनट अतिरिक्त समय दिया जायेगा। पात्र अभ्यर्थी नियमानुसार श्रुतिलेखक की सुविधा भी ले सकेंगे।
इसके लिए परीक्षा तिथि से पहले संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में सिविल सर्जन या जिला शल्य चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
प्रमाण पत्र में दिव्यांगता का प्रतिशत दर्ज होना जरूरी है। डीईओ प्रमाण पत्र और आवेदन की जांच के बाद अधिकतम कक्षा नौवीं में अध्ययनरत विद्यार्थी को श्रुतिलेखक के रूप में अधिकृत करेंगे।

आवेदनों में 1.87 लाख की वृद्धि
राज्य में पिछली जेटेट परीक्षा वर्ष 2016 में हुई थी। उस समय करीब 2.53 लाख आवेदन आए थे। इसके बाद लंबे समय तक परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। वर्ष 2024 में करीब 3.50 लाख आवेदन आए थे, लेकिन परीक्षा नहीं हुई।
अब 2026 में नये सिरे से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4.40 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस तरह 2016 की तुलना में इस बार करीब 1.87 लाख अधिक आवेदन आए हैं। लंबे अंतराल के बाद हो रही परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की संख्या भी काफी बढ़ी है।
