जोगिंदरनगर में क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र बदलने के विरोध में प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
जोगिंदरनगर में क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र (RCFCC), हर्बल गार्डन और फार्मेसी के स्थानांतरण के विरोध में चल रहा आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को क्रमिक भूख हड़ताल के 13वें दिन महिलाओं ने मोर्चा संभाला। टिकरू से दीपा कुमारी, मचकेहड़ से रजनी
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इससे पहले, भराड़ू और सपैड़ू पंचायतों की महिलाओं ने भी क्रमिक अनशन में हिस्सा लिया था। आंदोलन को तब और मजबूती मिली जब बड़ी संख्या में वर्तमान और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचे। इन सभी ने आरसीएफसी को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित करने की अधिसूचना वापस लेने की मांग की।
भूख हड़ताल स्थल पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरुशरण परमार की अध्यक्षता में एक बैठक भी हुई। इसमें 7 सितंबर को रामलीला मैदान, जोगिंदरनगर में जन आक्रोश महारैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति ने इस महारैली में पांच हजार से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है।
कई लोगों ने की शिरकत
इस अवसर पर युवा नेता सोमेंद्र ठाकुर, मेघना ठाकुर, जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज और शिवानी ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य अंजना ठाकुर और ममता भाटिया, तलकेहड़ पंचायत प्रधान शुचिका प्रधान सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्रमिक अनशन पर बैठी टीम को बदला
रोटेरियन अजय ठाकुर ने मंगलवार सुबह क्रमिक अनशन पर बैठी पिछली टीम को नई टीम से बदलने की घोषणा की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरसीएफसी को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित करने की अधिसूचना वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

आंदोलन की रणनीति बनाते लोग।

जोगिंदरनगर में प्रदर्शन करते लोग।
