27 मिनट पहले
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मणिपुर के कामजोंग और उखरुल में शनिवार को हथियारबंद गुटों के बीच हुई झड़पों में एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि पूर्व सीएम बीरेन सिंह का दावा है कि 7 लोग मारे गए हैं, वहीं एक पुलिस स्टेशन जला दिया गया है।
नगा-बहुल कामजोंग के कुकी-बहुल चसाड गांव में 22 साल के एक युवक और 42 साल की एक महिला की मौत हो गई। महिला को गोली मारी गई थी।
उसकी हत्या के बाद शुक्रवार रात से कुकी और नगा हथियारबंद गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इस दौरान 10 घरों में आग भी लगा दी गई।
फरवरी में मणिपुर में दोबारा शुरू हुई हिंसा की घटनाओं से लेकर अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
हिंसा की घटनाएं उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलोंग और नोनी के साथ-साथ सेनापति के कुछ हिस्सों में हुई है।

कुकी-बहुल गांव ‘चसाड’ में महिला की गोली मारकर हत्या की गई। इसके बाद ही दोनों समुदाय में हिंसा भड़क गई।

उखरुल जिले की एक अलग घटना में, संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में चेपु याओलेन के पास 40 साल के संदीप राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
म्यांमार बॉर्डर की तरफ भागे हमलावर
एक अलग घटना में कामजोंग में म्यांमार सीमा के पास स्थित तांगखुल नगा बस्ती ‘निंगचो’ गांव में संदिग्ध उग्रवादी घुस आए और गोलीबारी शुरू कर दी। गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान 35 साल के नगाचांसो निंगशेन और 48 साल के लेशिशान लेशडांग के तौर पर हुई है।
घटना के बाद सुरक्षा बल गांव पहुंचे और हालात को काबू में किया। ग्रामीणों का दावा है कि गोलीबारी के बाद हमलावर म्यांमार की तरफ भाग गए।
ज़िला प्रशासन ने और हिंसा को रोकने के लिए चसाड पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।

फरवरी से 10 अक्टूबर तक की प्रमुख घटनाएं
7–11 फरवरी: उखरुल मामूली झगड़े से हिंसा फैली
उखरुल जिले के लितान इलाके में 7 फरवरी की रात दो तांगखुल नगा और दो कुकी युवकों के बीच झगड़ा हुआ। अगले दिन एक कुकी परिवार के खाली घर में आग लगाई गई। आरोपियों को सौंपने की मांग के बाद तनाव बढ़ा, पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई। कई घर जला दिए गए और प्रशासन ने कर्फ्यू तथा इंटरनेट प्रतिबंध जैसे कदम उठाए।
24–25 अप्रैल: गोलीबारी में तीन लोगों की मौत
उखरुल के सिनाकीथेल और मुल्लम गांवों के पास दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर आई। इनमें तांगखुल नगा समुदाय का एक व्यक्ति भी शामिल था। इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ा।
7–8 मई: उखरुल और कामजोंग के गांवों पर हमले और आगजनी
उखरुल और कामजोंग जिलों में गोलीबारी तथा आगजनी की कई घटनाएं हुईं। कम से कम छह लोगों के घायल होने की खबर आई। भारत-म्यांमार सीमा के पास तांगखुल नगा समुदाय के तीन गांवों में 15 तक घरों पर हमले और आगजनी की सूचना मिली।
अगस्त के आखिर में: 7 लोगों की मौत
ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, अगस्त के आखिरी दिनों में नगा और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में कम से कम सात लोग मारे गए। फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में सितंबर की शुरुआत तक मरने वालों की कुल संख्या 34 बताई गई।
सितंबर: हिंसा का दायरा बढ़ा
सितंबर के अंत तक रिपोर्टों में नगा–कुकी संघर्ष में 50 से अधिक मौतों का उल्लेख किया गया। हिंसा की वजह से दोनों समुदायों के बीच बदले की कार्रवाई का सिलसिला और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती बढ़ी।
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सितंबर में मणिपुर के सेनापति जिले के कलेंजांग गांव में मुखिया के घर में मौजूद लोगों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस घटना में दो नगा लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना शनिवार दोपहर को हुई। पढ़ें पूरी खबर…

