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Mohali PMLA Court Verdict | Drug Smuggling Case Sentence Dara Singh


50 लाख कोकीन रिकवरी में दो दोषियों को सजा।

मोहाली विशेष PMLA कोर्ट ने वर्ष 2008 करीब 18 साल पुराने कोकीन तस्करी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह को दोषी करार देते हुए PMLA एक्ट की धारा 4 के तहत 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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दोनों दोषियों पर 5-5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

4 पाइंट में जानिए सारा मामला

2008 में 50 लाख की कोकीन पकड़ी थी

28 अगस्त 2008 को सोहाना थाने में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों से 1 किलो 230 ग्राम कोकीन बरामद की थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई गई थी। वर्ष 2015 में विशेष NDPS कोर्ट ने दारा सिंह को धारा 22 और गुरदर्शन सिंह को धारा 29 के तहत दोषी ठहराते हुए दोनों को 12-12 साल की सजा सुनाई थी।

ED ने 2009 में शुरू की थी मनी लॉन्ड्रिंग जांच

NDPS मामले से जुड़े होने के कारण प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने 20 अक्टूबर 2009 को ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इसके बाद ED ने 2022 में अदालत में शिकायत दाखिल की।

10 लाख के 2 चेक को भी माना अपराध की कमाई

ED की ओर से विशेष लोक अभियोजक मोनिका ठाकुर ने अदालत में कहा कि आरोपियों से बरामद कोकीन और लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए गए 10 लाख रुपए के दो चेक, जिनमें एक 6 लाख और दूसरा 4 लाख रुपए का था, अपराध से अर्जित संपत्ति यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के दायरे में आते हैं।

वहीं, बचाव पक्ष ने कहा कि जांच के दौरान ED को आरोपियों की संपत्ति या बैंक खातों में कोई मनी ट्रेल नहीं मिला। दोनों चेक भी कभी कैश नहीं हुए थे। आरोपियों ने अपनी उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए सजा में राहत की मांग की।

कोर्ट ने कहा- कोकीन और चेक ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए माना कि NDPS मामले में बरामद कंट्राबैंड और उसकी खरीद-फरोख्त के लिए दिए गए चेक PMLA की धारा 2(1)(u) के तहत ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ की श्रेणी में आते हैं।

कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों दोषियों (दारा सिंह और गुरदर्शन सिंह) द्वारा केस की सुनवाई या जांच के दौरान पहले ही जेल में काटी जा चुकी हिरासत की अवधि को उनकी मुख्य 3-3 साल की सजा में से घटाया जाएगा।

फैसला सुनाए जाने के बाद जमानत पर चल रहे दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि पहले जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित किया जाएगा।



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