Headlines

Naresh Meena Released from Tonk Jail


SDM को थप्पड़ मारने के मामले में जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा बुधवार को टोंक जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा- राजनीति में किसी को चुनाव हराकर ही नहीं, बल्कि निर्दोष व्यक्ति को किसी मामले में फंसाकर भी उसकी राजनीतिक हत्या की जा

.

नरेश मीणा ने समरावता प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट की शर्तों की पालना करते हुए कई आंदोलनों से दूरी बनाए रखी। इसी दौरान झालावाड़ में स्कूल हादसा हुआ, इसके बाद वे खुद को रोक नहीं पाए और शांतिपूर्ण धरना दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसके बाद उनकी जमानत खारिज हो गई।

उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा था और आखिरकार शर्तों के साथ न्याय मिला। नरेश मीणा ने कहा कि आगे भी हाईकोर्ट की शर्तों की पालना करते हुए जनसेवा जारी रखेंगे।

बता दें कि नरेश मीणा ने कोर्ट के आदेश के पर 6 अगस्त को नगर फोर्ट थाने में सरेंडर किया था। इसके बाद कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें टोंक जेल भेज दिया गया था। करीब 48 दिन बाद वे बुधवार को जेल से छूटे हैं।

तस्वीर 13 नवंबर 2024 की है। जब टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

तस्वीर 13 नवंबर 2024 की है। जब टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

‘हाड़ौती में क्रांति की शुरुआत हो चुकी हैं’ नरेश मीणा ने कहा कि जिस क्रांति की बात वे लगातार करते आए हैं, उसकी शुरुआत हाड़ौती में उनके दोस्त और बारां नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कमल राठौर ने कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पास अभी चुनाव चिह्न नहीं है। ऐसे में कमल राठौर ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि अब पूरी ताकत के साथ पंचायत राज चुनाव लड़ेंगे और लोगों की सेवा करेंगे। नरेश मीणा ने कहा कि लोग उन पर विश्वास कर रहे हैं और राजनीति में अच्छे लोग आएं, इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं।

नरेश मीणा ने जेल में रहने के दौरान भी सभी साथी पूरे हौसले के साथ उनके साथ खड़े रहे। उनके जेल में रहने के दौरान जगह-जगह शांतिपूर्ण आंदोलन किए गए और साथी लगातार लोगों की सेवा में जुटे रहे।

वकील बोले- नरेश मीणा जनहित में धरना प्रदर्शन प्रशासन के सामने देते हैं नरेश मीणा के एडवोकेट फतेहराम मीणा ने बताया- नरेश मीणा को हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। हर महीने में एक बार थाने में उपस्थिति दर्ज कराने और किसी अपराधिक मामले में शामिल नहीं होने की शर्त पर जमानत दी है। नरेश मीणा ने पहले भी हाईकोर्ट की शर्तों की पालना की थी, लेकिन एक तथाकथित मामले की वजह से बैल कैंसिल हुई थी।

नरेश मीणा झालावाड़ अस्पताल परिसर में मृतक स्कूली बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर शांतिपूर्वक बैठा था, पुलिस ने भी उसे हाईकोर्ट की शर्तों का उल्लंघन मान लिया और कोर्ट को बताओ कि नरेश मीणा ने आईसीयू सेवा बाधित की और चिकित्साकर्मियों से मारपीट की, जबकि नरेश मीणा उस दिन अस्पताल परिसर को छोड़कर कहीं नहीं गया था।

इसके सारे फुटेज मीडियाकर्मियों के अलावा कई लोगों के पास है, फिर भी हम कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन नरेश ने पहले भी शर्तो का उल्लंघन नहीं और ना आगे करेगा। वह पूरा सम्मान करता है, लेकिन राजनीतिक जीवन है, जनहित में धरना प्रदर्शन प्रशासन के सामने देते हैं।

विधानसभा उपचुनाव में एसडीएम को थप्पड़ मारा था

दरअसल, देवली-उनियारा उपचुनाव-2024 में 13 नवंबर 2024 को टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद समरावता सहित कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

————

मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

राजस्थान में थप्पड़कांड के आरोपी नरेश मीणा गिरफ्तार:छुड़वाने के लिए समर्थकों ने दिनभर मचाया बवाल; बोले- पुलिस ने घरों में घुसकर मारा, गाड़ियां जलाई

राजस्थान के देवली-उनियारा में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद समरावता गांव में फिर बवाल हो गया। मीणा के समर्थकों ने पुलिस की गाड़ियों को रोकने की कोशिश में चक्का-जाम कर दिया। देवली-उनियारा के समरावता गांव की सड़क पर भी टायर जलाए। (पूरी खबर पढ़ें…)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *