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पाली के POCSO कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 3 सितंबर को नाबालिग से रेप के मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने 22 साल के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पीड़िता के भाई का दोस्त था और जनवरी 2025 में उसके भाई की
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कोर्ट की विशिष्ट लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया – पीड़िता के पिता ने 13 मार्च 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2025 में उनके बेटे की शादी थी। आरोपी उनके बेटे का दोस्त होने के कारण घर आता-जाता था। इसी दौरान उसने उनकी 15 साल की नाबालिग बेटी से सोशल मीडिया के जरिए बातचीत शुरू कर दी और उससे दोस्ती कर ली।
नानी के घर गई तो बहला-फुसलाकर ले गया
परिजनों के अनुसार मार्च 2025 में नाबालिग अपनी नानी के घर गई थी। आरोपी को इसकी जानकारी हुई तो वह उसे बहला-फुसलाकर अपने दोस्त के घर ले गया। वहां उसके साथ जबरदस्ती की। आरोपी ने उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद किसी को घटना के बारे में बताने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया।
परिवार जोधपुर गया, घर में अकेली थी नाबालिग
पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट में बताया कि 29 जनवरी 2026 को परिवार के लोग बीमारी के कारण जोधपुर गए हुए थे। घर पर उनकी नाबालिग बेटी अकेली थी। 31 जनवरी को भी परिवार जोधपुर में ही था। इसी दौरान आरोपी दोपहर के समय घर में घुसा और नाबालिग को डरा-धमकाकर उसके साथ दोबारा रेप किया।
पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया
पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पाली POCSO कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 3 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषी माना और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
