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- Pandit Vijayshankar Mehta Column | Gen Z Education Knowledge Vs Wisdom
1 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
यह जानकारी के सैलाब का समय है। एआई ने उसमें और योगदान दिया। अब किसी को ज्ञान से लेना-देना नहीं है। सारा काम तुरंत मिल रही जानकारी से चल रहा है। लेकिन याद रखें कि जानकारी जानने से रोक देती है। तो हमें जानना क्या है?
हम किस बात के लिए मनुष्य हैं, क्या फर्क है हममें और जानवर में- इसको कहेंगे सही रूप से जानना। और आज का तकनीकी युग इसमें आपको रोकेगा। सावधान रहें वरना जीवन को जानना मुश्किल हो जाएगा, भले पूरी दुनिया जान लें। तुलसीदास जी ने एक पंक्ति लिखी है- हरि सेवकहिं न ब्याप अबिद्या, प्रभु प्रेरित ब्यापइ तेहि बिद्या।
हरि के सेवक को अविद्या नहीं व्यापती, प्रभु की प्रेरणा से विद्या व्यापती है। आज जेन-जी को यह समझना होगा कि जो भी शिक्षा उनके पास है, उसमें कितनी जानकारी और कितना ज्ञान है। विद्या का अर्थ होता है भ्रम की स्थिति दूर हो जाना और विषय का गहरा ज्ञान होना। जेन-जी खूब परिश्रम करें, भगवान पर भरोसा रखें तो फिर जो भी जीवनशैली अपनाएंगे, लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे।

