Headlines

Patna PMCH GNM Students Protest


पटना5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के 2023-26 बैच की GNM छात्राओं ने गुरुवार को नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) के इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने हॉस्टल की बदहाल व्यवस्था और पढ़ाई में आ रही बाधाओं को लेकर अपनी मांगें रखीं।

GNM नर्सिंग छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल की जर्जर स्थिति और मरम्मत कार्य के नाम पर उन्हें एक महीने पहले घर भेज दिया गया था।

कॉलेज प्रशासन ने उस समय एक सप्ताह के भीतर वापस बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई है।

छात्राओं का कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण उनकी पढ़ाई, प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि उनका बैच शैक्षणिक सत्र पहले से ही पीछे चल रहा है, ऐसे में समय पर पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

हॉस्टल की मरम्मत का हवाला देकर घर भेजने का आरोप

हॉस्टल खाली कराने से पहले वे नियमित रूप से कॉलेज में रहकर कक्षाओं में शामिल होती थीं, अस्पताल में ड्यूटी करती थीं। प्रैक्टिकल भी कर रही थीं, लेकिन हॉस्टल की मरम्मत का हवाला देकर उन्हें अचानक घर भेज दिया गया। कॉलेज प्रशासन का एक सप्ताह का भरोसा लगभग एक महीने बाद भी पूरा नहीं हुआ है।

छात्राओं को सबसे अधिक चिंता अपनी पढ़ाई और क्लीनिकल ट्रेनिंग को लेकर है। उनका कहना है कि मेडिकल शिक्षा केवल ऑनलाइन कक्षाओं से पूरी नहीं हो सकती।

अस्पताल में ड्यूटी, मरीजों के बीच प्रशिक्षण और नियमित प्रैक्टिकल मेडिकल कोर्स का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि यह प्रक्रिया लंबे समय तक बाधित रहती है, तो इसका सीधा असर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता और भविष्य पर पड़ेगा।

NMCH परिसर में प्रदर्शन करती छात्राएं।

NMCH परिसर में प्रदर्शन करती छात्राएं।

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने अस्पताल प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि जब तक हॉस्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक उन्हें बाहर किराए पर रहकर अपनी पढ़ाई, प्रैक्टिकल और अस्पताल की ड्यूटी जारी रखने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि वे अपने खर्च पर रहने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें कॉलेज और अस्पताल की नियमित गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि फिलहाल उन्हें केवल ऑनलाइन कक्षाओं की जानकारी दी जा रही है, जबकि ड्यूटी और प्रैक्टिकल कब से शुरू होंगे, इस पर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है।

तीन वर्ष का कोर्स पांच वर्ष में पूरा नहीं करना चाहते

उनका कहना है कि वे तीन वर्ष का कोर्स पांच वर्ष में पूरा नहीं करना चाहती। इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द कोई व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र और करियर प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने यह भी कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन बाहर रहकर पढ़ाई और ड्यूटी करने की अनुमति देने में असमर्थ है, तो स्वास्थ्य विभाग को उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

GNM नर्सिंग की छात्राओं ने कहा PMCH में छात्र छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है। हॉस्टल की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण अब उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छात्राओं ने बताया कि उन्हें PMCH से स्थानांतरित कर नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) भेजा गया, लेकिन वहां भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्राओं ने कहा कि लगातार बनी हुई अनिश्चितता के कारण मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। मेडिकल शिक्षा पहले से ही चुनौतीपूर्ण होती है और ऐसे में रहने की समस्या तथा प्रशिक्षण में व्यवधान उनकी परेशानियों को और बढ़ा रहा है।

उन्होंने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो उनके पूरे बैच का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है।

छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ विभाग से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *