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President Speech LIVE; Droupadi Murmu Independence Day 2026 Eve Address Update


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नई दिल्ली36 मिनट पहले

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देश के नाम संबोधन दिया। - Dainik Bhaskar

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देश के नाम संबोधन दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा- आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना किसानों के लिए एक निर्णायक कदम है।

हम 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। नागरिक राष्ट्र के लिए सदैव जागरूक रहें।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमारे स्टूडेंट भारत के भविष्य निर्माता हैं। जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज का एकजुट रहना जरूरी है।

उसी तरह विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सभी के सम्मिलित प्रयास जरूरी हैं।

राष्ट्रपति का संबोधन, 6 बड़ी बातें; कहा- एक दशक में भारत में तेजी से विकास हुआ

1. हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है

राष्ट्रपति ने कहा- हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है। उस भावना को हमारे देशवासी आगे बढ़ा रहे हैं यह हमारी लोकतंत्र की उपलब्धि है।

अब से कुछ ही घंटों बाद, हमारे देश की स्वाधीनता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा। देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीय यह पर्व उल्लास के साथ मनाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक है। इसे हम पूरी शान से फहराते हैं।

2. देशवासी स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने

द्रौपदी मुर्मू ने कहा- 15 अगस्त 1947 के दिन भारतमाता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं। सभी देशवासी, स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने।

निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए तत्पर वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान, अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण कर रहे हैं।

3. सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि संसाधनों की कमी के कारण किसी को भी न्याय से वंचित न रहना पड़े।

आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में, खासकर किसानों के लिए, एक निर्णायक कदम है।

4. पिछले एक दशक में देश ने तेज गति से विकास किया

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- अपनी समृद्ध विरासत और स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए हम आधुनिक विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’, यह वेद-वाक्य हमें प्रेरणा देता है कि हम राष्ट्र के लिए सदैव जागरूक रहें।

पिछले एक दशक से कुछ अधिक समय में हमारे देश ने तेज गति से समावेशी विकास किया है। विरासत और विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी है।

5. 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। उनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं।

80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

6. मुर्मू बोलीं- हमारी विदेश नीति, देश हित पर आधारित है

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक सम्बन्धों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए, हमने अनेक देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल साउथ के देशों में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विश्व पटल पर हमारे देश का सम्मान बढ़ा है।

हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे किसी भी कार्य से, आने वाली पीढ़ियों द्वारा इस अधिकार के प्रयोग में तनिक भी कमी न हो। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उनको और अधिक समृद्ध प्राकृतिक संपदाएं प्रदान करें। पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी आस्था हमारी परंपरा का हिस्सा है।

एट होम रिसेप्शन में आएंगे 650 गेस्ट, 100 VVIP

राष्ट्रपति भवन में होने वाले एट होम रिसेप्शन का आयोजन अमृत उद्यान परिसर में होगा। इवेंट में करीब 650 मेहमानों को बुलाया गया है। इसमें से 100 VVIP गेस्ट होंगे।

  • इस बार खास क्या है: इस साल के आयोजन में चार राज्यों महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को प्रमुखता दी गई है। थीम में संस्कृति, समुदाय और प्रकृति के बीच संबंध और पर्यावरण संरक्षण पर जोर है।
  • मेहमानों के स्वागत की खास व्यवस्था: रिसेप्शन के मेहमानों को हाथ से बुना महेश्वरी स्टोल पहनाकर स्वागत किया जाएगा। इसे मध्य प्रदेश के महेश्वर में तैयार किया गया है और इसमें चारों राज्यों की पारंपरिक बुनाई के मोटिफ शामिल हैं।
  • खाने में क्या होगा: यह भी इस साल की थीम के अनुरूप क्षेत्रीय व्यंजनों पर आधारित है। रिपोर्ट्स के अनुसार मेन्यू कोंकण का पाटोलेओ, छत्तीसगढ़ का मिनी फरा, महाराष्ट्र का खामंग काकड़ी और मध्य प्रदेश से जबलपुर की गटपट को शामिल किया गया है।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: रिसेप्शन में चारों राज्यों की लोक एवं पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें गेड़ी नृत्य, गौर माड़िया, लावणी, तुतारी, सोंगी मुखौटे, भगोरिया, बैगा करमा, समई और घोड़े मोड़नी जैसी प्रस्तुतियां शामिल की जा रही हैं।

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