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Punjab Congress Leadership Crisis; Charanjit Channi Vs Raja Warring


पंजाब कांग्रेस में बागी तेवर दिखा रहे पूर्व CM व जालंधर सांसद चरणजीत चन्नी हाईकमान के कड़े रुख के आगे डरे बैकफुट पर नजर आए हैं। प्रधान राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद बुधवार को उन्होंने पहली बार एक मीडिया चैनल से बात की। कांग्रेस में उनकी नारा

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चन्नी ने आगे कहा-

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राहुल गांधी मेरे लीडर हैं और रहेंगे। सभी मसले जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे। पार्टी जो रणनीति बनाएगी, उसी तरह आगे बढ़ेंगे।

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इससे पहले पंजाब के 5 दिन के दौरे पर आए AICC प्रभारी भूपेश बघेल ने पूर्व CM चरणजीत चन्नी और उनके समर्थकों को दोटूक कह दिया है कि प्रधान बदलना गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं है। हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। राजा वडिंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। मीटिंग में जिला प्रधान अपनी सहमति दे चुके हैं।

बघेल का ये तल्ख रवैया तब माना जा रहा है, जब चन्नी गुट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हाईकमान को गुमराह किया। उन्हें गलत रिपोर्ट दी गई। हम राजा वड़िंग की अगुआई में 2027 का चुनाव नहीं जीत सकते।

भूपेश से मिलने के बाद चन्नी से मिले औजला अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने भूपेश बघेल के साथ राणा केपी के घर मुलाकात की थी। भूपेश बघेल से मुलाकात करने के बाद उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मुलाकात की और सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की। इससे पहले राज कुमार वेरका भी ऐसा कर चुके हैं। राज कुमार वेरका ने पहले चन्नी से मुलाकात की और फिर बघेल से मुलाकात की थी।

पूर्व सीएम

पूर्व सीएम

बाजवा बोले- टूट के बाद भी AAP 92 सीटें जीती कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी तेवर दिखाते हुए कहा कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के 22 में से 10 विधायक अलग हो गए और उसके बाद भी वो चुनाव में 92 जीत गए। अगर सीनियर लीडर पीछे रह गए तो नए लोग आएंगे। लोगों ने जो मन बना लिया है उसके साथ ही रहेंगे। उन्होंने चन्नी गुट का नाम लिए बगैर कहा कि आठ दस दिन देख लें। अगर उनकी अपील रिजेक्ट हो गई तो फिर से बात कर सकते हैं।

प्रगट सिंह बोले- यह एक्सपेरिमेंट का टाइम नहीं वहीं जालंधर कैंट के MLA परगट सिंह का कहना है कि अब पंजाब में एक्सपेरिमेंट का टाइम नहीं है। पंजाब की लड़ाई बहुत बड़ी है और इलेक्शन बहुत नजदीक हैं। फोटो सेशन के जरिए अपनी ताकत दिखाने का टाइम नहीं है। जो हमारी छोटी-छोटी प्रॉब्लम है उन्हें शॉर्टआउट कर देना चाहिए। फोटो सेशन के जरिए नॉरेटिव सेट किए जा रहे हैं।

चन्नी को मनाने के बघेल के 3 दांव फेल:-

  • बाजवा के जरिए कोशिश, बात नहीं बनी: चंडीगढ़ पहुंचते ही भूपेश बघेल ने सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से मुलाकात की। माना गया कि बाजवा के जरिए चन्नी और उनके समर्थकों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। बाजवा ने मीडिया में भी विवाद सुलझने की बात कही, लेकिन चन्नी गुट अपने रुख पर कायम रहा।
  • वेरका ने भी की पहल, फिर भी नहीं हुई मुलाकात: इसके बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने भी चन्नी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बघेल से मिलने से पहले वेरका ने चन्नी के साथ बंद कमरे में चर्चा की। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिश माना गया, लेकिन इसके बाद भी चन्नी गुट का कोई नेता बघेल से मिलने नहीं पहुंचा।
  • चाय पर बुलाने का ऑफर, वह भी बेकार: इस बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने मीडिया से यह संदेश भी दिया कि “अगर कोई मुझे चाय पर बुलाएगा तो मैं जरूर जाऊंगा।” इसके बावजूद दौरे के दूसरे दिन भी चन्नी गुट ने दूरी बनाए रखी।

नए कार्यकारी अध्यक्षों की जिम्मेदारियां तय…

  • सुखविंदर सिंह डैनी: AICC सचिव सूरज ठाकुर के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में ठाकुर प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। इनके पास 42 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी है।
  • संगत सिंह गिलजियां: वह AICC सचिव रवींद्र दलवी के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में दलवी प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 45 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी।
  • राजकुमार वेरका: वह AICC सचिव हिना कावरे के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में हिना कावरे प्रभारी के रूप में कार्य कर रही हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 30 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी।

2 दिन… मीटिंग पर मीटिंग, लेकिन चन्नी गुट नदारद पहले दिन बघेल ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन विजय इंदर सिंगला और मैनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन सांसद अमर सिंह के साथ बैठक की। हालांकि कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा इन बैठकों से दूर रहे। दूसरे दिन उन्होंने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों, स्टेट बॉडी और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। यहां भी चन्नी गुट के नेता शामिल नहीं हुए।

वड़िंग गुट का शक्ति प्रदर्शन, चन्नी गुट का साइलेंट प्रोटेस्ट बैठकों के बाद राजा वड़िंग गुट के नेता बड़ी संख्या में बघेल से मिलने पहुंचे और उनका स्वागत किया। इसे संगठन पर अपनी पकड़ का संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। वहीं चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थक पूरे दिन किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक, चन्नी गुट का रुख साफ है कि जिस मंच पर राजा वड़िंग मौजूद होंगे, उस मंच पर वे शामिल नहीं होंगे। वे अपनी बात सीधे हाईकमान के सामने रखना चाहते हैं।

आज सबसे अहम दिन, वन टु वन बैठकों पर नजर बुधवार को भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग वन टु वन बैठक करेंगे। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि क्या चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा उनसे मुलाकात करते हैं या दूरी बनाए रखते हैं। इन्हीं बैठकों से यह संकेत भी मिल सकता है कि पंजाब कांग्रेस में सुलह की शुरुआत होगी या टकराव और लंबा चलेगा।

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यह खबर भी पढ़ें-पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले टूट का खतरा बढ़ा:प्रभारी बघेल बोले- राजा वड़िंग ही प्रधान रहेंगे; चन्नी ने नेताओं से मुलाकात की रील शेयर की

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट का खतरा बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने मीटिंग में नेताओं को भरोसा दिलाया कि पंजाब कांग्रेस में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग की। पूर्व CM चरणजीत चन्नी के गुट ने इसका बायकॉट किया। पूरी खबर पढ़ें…



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