17 जून 2026, राजस्थान में कोटा के दशहरा मैदान से लेकर 19 सितंबर मध्य प्रदेश के इंदौर में IDA मैदान तक, राहुल गांधी ने 3 महीने में 5 यूथ इवेंट किए। इनका नाम है- ‘छात्रों की गूंज।
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आखिर राहुल के इन यूथ इवेंट्स के पीछे का चुनावी गणित क्या है, क्या बीजेपी को डेंट पहुंचा पाएंगे या बीजेपी ही भारी पड़ेगी, आज के एक्सप्लेनर में पूरा एनालिसिस…

स्टूडेंट्स के बीच प्रोग्राम और उनके मुद्दे उठाकर राहुल 4 काम कर रहे हैं…
1. बीजेपी के युवा कोर वोटर पर टारगेट
- पिछले 3 लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हर बार एक-तिहाई से ज्यादा युवाओं ने वोट दिया, जबकि कांग्रेस को करीब 20% युवाओं ने वोट दिया। युवा, यानी 18 से 25 साल उम्र के वोटर।
- यानी हर तीसरा युवा वोटर बीजेपी के साथ है, जबकि कांग्रेस के साथ हर पांचवां युवा वोटर। राहुल गांधी यूथ सेंट्रिक स्ट्रैटजी के सहारे अब बीजेपी के युवा कोर वोटर को साधना चाहते हैं।

2. एकजुट हुए Gen-जी पर फोकस
- 17 जुलाई को जब देहरादून में राहुल ने दूसरा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया, तो उसका ज्यादा माहौल नहीं बना। जबकि संसद सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को CJP का ‘संसद चलो’ मार्च चर्चा में रहा।
- संसद सत्र के लिए कांग्रेस ने तय किया था कि राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा उठाना चाहिए, NEET और CJP का आंदोलन नहीं। हालांकि जब 20 जुलाई को CJP प्रोटेस्ट ने जोर पकड़ा, तो कांग्रेस ने रूख बदल लिया।
- छात्रों के समर्थन में प्रियंका गांधी ने बयान दिया। अगले दिन राहुल और प्रियंका घायल छात्रों से मिलने अस्पताल गए। फिर अचानक दोपहर 3:30 बजे पैदल पीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए।
- जब केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगें मान लीं, तो मैसेज गया कि जेन-जी, यानी युवा एकजुट है।
- इसी के चलते पीएम मोदी और यूपी सीएम योगी जेन-जी को एड्रेस करते हुए सेल्फी स्टाइल में वीडियो बना रहे हैं। लेफ्ट के स्टूटेंड विंग AISA की नेहा बोरा भी कई शहरों में ‘जेन-जी राइजिंग’ इवेंट कर रही हैं।
- 19 अगस्त को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में तय हुआ है कि पार्टी ‘छात्रों की गूंज’ के 800 इवेंट करेगी। पहले चरण में कम से कम 25 कार्यक्रमों में राहुल शामिल होंगे।

इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं से बात करते हुए राहुल गांधी।
3. मोदी के मुकाबले ‘यूथ लीडर’ बनने की कोशिश
पीएम मोदी और राहुल गांधी की उम्र में सिर्फ 20 साल का फर्क है। इसी 17 सितंबर को मोदी 76 साल के हुए हैं, जबकि 19 जून को राहुल 56 के।
हालांकि राहुल गांधी, राजनीति के शुरुआती दौर में कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI और यूथ कांग्रेस के महासचिव रहे हैं। वे आज भी अपने हाव-भाव, ड्रेसिंग स्टाइल से लेकर कई यूथ-सेंट्रिक एक्टिविटीज के जरिए खुद को युवाओं के रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर पेश करने की कोशिश करते हैं…
- 2022-23 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सर्दियों में सिर्फ एक सफेद टी-शर्ट पहनी। सितंबर 2023 में जयपुर के महारानी कॉलेज में राहुल एक छात्रा की स्कूटी पर पीछे बैठकर चले।
- 2024 में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान बच्चों के साथ मार्शल आर्ट किया। केरल में राहुल मछुआरों के साथ मछली पकड़ने पानी में कूद गए। कन्याकुमारी के एक स्कूल में स्टूडेंट्स के साथ डांस और पुश-अप्स किए।
- प्रयागराज के ‘छात्रों की गूंज’ इवेंट में राहुल की पिंक शर्ट चर्चा में रही। पुणे में खासतौर पर लड़कियों का कार्यक्रम था, इसमें पीली शर्ट पानी।
- राहुल ने युवाओं के लिए #ShikshaRevolution और ‘आस्क मी एनीथिंग’ जैसे कैंपेन शुरू किए हैं।
इलेक्शन एनालिस्ट और VoteVibe के फाउंडर अमिताभ तिवारी बताते हैं, ‘नरेंद्र मोदी 2013 में अपनी राष्ट्रीय राजनीति की शुरुआत से ही युवाओं के बीच रहने की कोशिश करते हैं। राहुल की अप्रोच भी नई नहीं हैं। हालांकि अब उनकी सक्रियता बढ़ी है, क्योंकि वे पैन इंडिया एक यूथ लीडर का खाली स्पेस भरना चाहते हैं। वो इसके चुनावी फायदे समझते हैं।’
4. कांग्रेस जहां नंबर-2 उन प्रदेशों में मेहनत
- राहुल गांधी ने बीते 3 महीने में 5 शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ प्रोग्राम किया। ये पांचों शहर अलग-अलग पांच राज्यों में हैं- राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश।
- राजस्थान, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है, यानी दूसरे नंबर पर है। वहीं बाकी दो राज्यों में कांग्रेस विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन सीटों के हिसाब से महाराष्ट्र में 5वें नबंर और उत्तरप्रदेश में 7वें पर है।
- इन पांचों राज्यों में बीजेपी सत्ता में है और यहां कांग्रेस के पास बीजेपी को टक्कर देने की उम्मीद है।

- 19 अगस्त को CWC की मींटिग में तय हुआ है कि पहले उन राज्यों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होगा, जहां बीजेपी की सरकार है। पार्टी इसे विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की प्री-स्ट्रैटेजी मान रही है।
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल से अवध, यानी बलिया से प्रयागराज तक राहुल की यात्रा की तैयारी में है। गोरखपुर, कानपुर और मेरठ में भी ‘छात्रों की गूंज’ इवेंट होने वाला है।

1. युवा को साधने के लिए बीजेपी-संघ एक्टिव
- 2013 में जब नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में उभर रहे थे, तब उन्होंने 6 फरवरी 2013 को दिल्ली में अपना पहला और एक घंटे से ज्यादा का भाषण दिया, वो भी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में।
- 13 साल बाद 5 सितंबर 2026 को मोदी दोबारा SRCC पहुंचे और 47 मिनट बोले।
- दरअसल, बीजेपी ने ‘यूथ आउटरीच प्रोग्राम्स’ लॉन्च किए हैं। ऐसा ही एक प्रोग्राम है- ‘वन कैंपस, वन मिनिस्टर’, जिसमें देशभर के कॉलेजों में बीजेपी के मंत्री युवाओं से बातचीत करेंगे।
- अगस्त में दिल्ली में बीजेपी ने यूथ स्ट्रैटेजी के लिए 45 युवा नेताओं की मीटिंग बुलाई। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महासचिव स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता शामिल हुए।
- इसमें सुझाव आए कि पूरे ‘युवा’ वर्ग पर फोकस करना चाहिए, न कि किसी एक विशेष युवा वर्ग पर।
- RSS भी युवाओं को साध रही है। RSS प्रमुख मोहन भागवत कह चुके हैं कि हमें युवाओं की बात सुननी होगी।
- 17-19 सितंबर को उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ हुई, जिसमें 1700 युवाओं ने हिस्सा लिया। भागवत और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने युवाओं को संबोधित किया।

धर्म संसद के दौरान मोहन भागवत ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि युवा धर्म के बारे में सोच रहे हैं।’
2. जेन-जी की पसंद वाली अप्रोच अपना रही बीजेपी
- जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट जब बढ़ने लगा, तो पीएम मोदी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने इंस्टाग्राम पर सेल्फी मोड में वीडियो डाले। युवाओं को ‘फ्रेंड्स’ कहा।
- उन्होंने लगातार कई रील्स पोस्ट कीं। 24 जुलाई को कैबिनेट मीटिंग में मोदी ने मंत्रियों से इंस्टाग्राम पर युवाओं से जुड़ने और युवाओं को पसंद आने वाले इंटरैक्टिव टूल्स इस्तेमाल करने को कहा।
- हाल ही में बीजेपी ने नई सोशल मीडिया टीम बनाई, जो पुरानी टॉप-डाउन स्ट्रैटेजी, यानी फेसबुक, X और वाट्सएप के बजाय जेन-जी अप्रोच, यानी इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रेडिट पर फोकस बढ़ा रही है।
- बीजेपी की नेशनल और सभी स्टेट लेवल की सोशल मीडिया टीमें जेन-जी सेंट्रिक कंटेंट पोस्ट कर रही हैं। ट्रेंड में रहने वाले बैकग्राउंड म्यूजिक और एडिटिंग स्टाइल यूज कर रही हैं। ऐसे ही पोस्टर, कार्टून और ग्राफिक्स पोस्ट किए जा रहे हैं।
- 5 सितंबर को SRCC के भाषण में पीएम मोदी ने OG, Flex जैसे जेन-जी स्लैंग्स इस्तेमाल किए। 3 दिन बाद जब वे वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी पहुंचे, तो Y-शेप रैंप पर चलकर मंच तक गए। इस दौरान ‘वी विल रॉक यू’ और फिल्म ‘धुरंधर’ के गाने का रीमिक्स बजता रहा।

वडोदरा की MS यूनिवर्सिटी में पीएम मोदी रैंप पर चलकर स्टेज तक गए। तब वहां मौजूद युवा अपने फोन से फोटो-वीडियो लेते रहे।
3. राहुल के इवेंट्स में सिलेक्टेड चीजों पर अटैक
- राहुल के पुणे इवेंट को महाराष्ट्र बीजेपी के प्रवक्ता नवनाथ बान ने ‘पैसे की गूंज’ बताकर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 10 करोड़ रुपए खर्च करके भीड़ बुलाई। इन्फ्लुएंसर्स को 35 हजार रुपए तक दिए।
- 19 सितंबर को इंदौर में राहुल के मंच पर कॉमेडियन पुलकित मणि ने उनसे गले लगते हुए पीएम मोदी के हाव-भाव और विदेशी नेताओं से बात करने के तरीके की नकल की।
- मणि ने बार-बार ‘माय फ्रेंड’ बोला और राहुल से पूछा, ‘आप कैसे हैं?’ राहुल ने जवाब दिया, ‘मैं ठीक हूं, आप कैसे हैं मोदी जी?’ मणि ने जवाब दिया, ग्रेट हरैसमेंट।’
- मणि ने पीएम मोदी की एक रैली में उनके एक स्टेटमेंट की नकल करते हुए कहा, ‘मां को कुर्सी दो।’
- मोदी के बच्चों से बातचीत के दौरान ‘सिक्के के करतब’ की भी नकल की। ऐसे ही वीडियो बनाकर मणि चर्चा में आए थे। कांग्रेस ने X पर क्लिप शेयर करते हुए लिखा, ‘नरेंद्र मोदी की विदेश नीति।’
- इस पर बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस को घेरा। उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘पीएम मोदी जी की दिवंगत माता के बारे में आपत्तिजनक शब्द कहना और राहुल का हंसना बेहद शर्मनाक है। देश की मातृशक्ति सब देख रही है।’
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी राहुल से माफी मांगने की मांग की।
- इससे पहले अगस्त में कांग्रेस के कार्यक्रम में राहुल ने पीएम मोदी की नकल करते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था।
- दीक्षित ने विवादित बयान दिया, ‘क्या आप मुझे मेलोनी समझकर गले लगा रहे थे?’ इसके बाद बीजेपी नेताओं ने तीखा पलटवार किया था।

19 सितंबर को आए दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन, DUSU के नतीजों को कांग्रेस और बीजेपी की युवाओं में पैठ के लिटमस टेस्ट की तरह देखा जा रहा है…
- इनमें प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी जैसे 3 पदों पर बीजेपी की स्टूडेंट विंग ABVP और वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय लड़े दीपांशु शौकीन की जीत हुई। NSUI के खाते में एक भी पद नहीं आया।
- नतीजों पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू जैसे दिग्गज बीजेपी नेताओं के बयान आए और जेन-जी में बीजेपी, कांग्रेस की पैठ पर भी बहस हुई।
- दिल्ली बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘DUSU इलेक्शन ने साफ कर दिया है कि युवाओं ने राष्ट्रवादी विचारधारा को चुनते हुए ABVP के पक्ष में वोट दिए। पीएम मोदी की नीतियों को चुना और कांग्रेस को पूरी तरह खारिज कर दिया है।’
- वहीं नितिन नबीन ने X पर लिखा, ‘ये जीत सकारात्मक राजनीति में युवाओं के विश्वास को दिखाती है।’
- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘छात्रों का बहुमत मौजूदा सरकार के खिलाफ है, लेकिन वे बंटे हुए हैं और इसका फायदा सरकार को मिलता है। कांग्रेस को अपनी व्यवस्था ठीक करनी चाहिए।’
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई कहते हैं, ‘NSUI के बागी निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु रिकॉर्ड अंतर से जीते। कांग्रेस को अपनी रणनीति पर सोचना चाहिए। जेन-जी का वोट अभी बंटा हुआ है।’
युवाओं को लेकर इस पूरी एक्सरसाइज पर एक्सपर्ट्स 3 जरूरी बातें कहते हैं…
- वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के मुताबिक, ‘NSUI के बागी निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु रिकॉर्ड अंतर से जीते। कांग्रेस को अपनी रणनीति पर सोचना चाहिए। जेन-जी का वोट अभी बंटा हुआ है।’
- इलेक्शन एनालिस्ट संजय कुमार मानते हैं कि देश के युवाओं में एक बेचैनी जरूर है, लेकिन युवाओं का मन पढ़ना मुश्किल है। इनके वोट देने के पैटर्न का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि भारत की राजनीति में कोई एक जैसा यूथ वोट नहीं है। राज्यों के हिसाब से इनकी अलग-अलग स्थिति है।
- अमिताभ तिवारी कहते हैं, ‘बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं में नाराजगी का माहौल है, लेकिन कांग्रेस को इसे भुनाने के लिए कई फैक्टर्स पर काम करना होगा। मसलन, आरक्षण के मुद्दे पर छिड़ी चर्चा से जातिगत राजनीति को हवा मिल रही है। ऐसे मुद्दों पर पार्टियों के रुख से तय होगा कि उन्हें कितनी बढ़त मिलेगी।’
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