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Rani Mukerji Interview | Trust Your Work & Family Support


25 मिनट पहले

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हाल ही में रानी को महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार में राज कपूर स्पेशल कॉन्ट्रिब्यूशन अवॉर्ड मिला है, उनके तीस साल लंबे सफर की दास्तां… मैंने फिल्म इंडस्ट्री में 30 साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि मेरी यात्रा खत्म हो गई है। मुझे लगता है मैं फिर से नई शुरुआत कर रही हूं। जब अपनी पुरानी फिल्में देखती हूं, तो खुद में बहुत बदलाव नजर आता है। मैं आज भी चाहती हूं कि हर बार अपने दर्शकों के सामने रानी का एक नया रूप लेकर आऊं। मेरी इस लंबी यात्रा में काफी उतार-चढ़ाव आए। बहुत कुछ सीखा और बहुत कुछ पाया। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि निर्देशकों, लेखकों और निर्माताओं ने मुझे ऐसे किरदार दिए, जिन्हें निभाना मेरे लिए खास रहा। खास बात यह है कि मेरी शादी हुई और बेटी हुई, लेकिन मेरे काम के रास्ते बंद नहीं हुए। लोग अक्सर कहते हैं शादी और बच्चे के बाद अभिनेत्री का करियर खत्म हो जाता है। मुझे लगता है अगर आप अपने काम पर भरोसा करेंगे तो आपको मौके मिलते रहेंगे…ऐसे में जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत की जा सकती है। मैं अभिनेत्री होना पसंद करती हूं, लेकिन मुझे पत्नी और मां होना भी उतना ही अच्छा लगता है। अपने परिवार की देखभाल करने में बहुत खुशी मिलती है। मेरे लिए सबसे बड़ी नेमत यह है कि मेरे पति और मेरी बेटी मेरे काम को समझते हैं और मेरा साथ देते हैं। हर औरत के लिए यह सहारा मायने रखता है। मैं जानती हूं कि बहुत-सी औरतें काम करना चाहती हैं, अपने सपने पूरे करना चाहती हैं, लेकिन उन्हें वह साथ नहीं मिल पाता जिसकी उन्हें जरूरत होती है। इसलिए मैं अपने परिवार के इस प्यार और भरोसे को कभी मामूली नहीं समझती। मेरी जिंदगी में एक और बात बहुत अहम रही है… ईमानदारी। लोग अक्सर पूछते हैं इतने साल तक इंडस्ट्री में कैसे टिकी रहीं। मेरे लिए लंबे वक्त तक काम करते रहना सिर्फ प्रासंगिक बने रहने का नाम नहीं है। मेरे लिए इसका मतलब है कि मैं अपने काम और अपनी पसंद के साथ पूरी तरह ईमानदार रहूं। मुझे हाल ही में मिले अपने नेशनल अवॉर्ड की खुशी तो जरूर है, लेकिन इस खुशी का एहसास थोड़ा अलग भी था। मुझे लगा जैसे यह सम्मान इसी वक्त के लिए बचाकर रखा गया था। मेरी बेटी इतनी बड़ी हो चुकी थी कि वह समझ सके कि यह मेरे लिए कितना बड़ा पल है। हां, एक कसक हमेशा रहेगी कि मेरे पिता इस खुशी को देखने के लिए मेरे साथ नहीं थे। वे हमेशा मुझे सबसे ज्यादा हौसला देने वालों में रहे। मेरे लिए उस अवॉर्ड से भी ज्यादा कीमती तारीफ मेरी बेटी की है। उसने मुझे एक खत लिखकर दुनिया की सबसे अच्छी मां कहा। मेरे लिए इससे बड़ा कोई अवॉर्ड नहीं हो सकता। मां बनने के बाद मेरा जिंदगी को देखने का नजरिया भी बहुत ज्यादा बदल गया। जब मैंने पहली बार अपनी बेटी को देखा, तो लगा कि प्यार को समझने का मतलब ही बदल गया है। वह ऐसा प्यार है जिसमें कोई शर्त नहीं होती। शायद मां बनने के बाद ही इंसान उस एहसास को पूरी तरह समझ पाता है। कोई मुझसे पूछे कि किस किरदार ने मुझे सबसे ज्यादा बदला, तो मेरा जवाब होगा…‘ब्लैक’। उस फिल्म ने मुझे जिंदगी की उन छोटी-छोटी चीजों की कद्र करना सिखा दिया, जिन्हें हम रोजमर्रा में भूल जाते हैं। देख पाना, बोल पाना, सुन पाना, चल पाना… ये सब दरअसल कितनी बड़ी नेमतें हैं। उस फिल्म ने मुझे जिंदा होने के लिए शुक्रगुजार रहना सिखाया।

मां के लिए बच्चे की तारीफ ही सबसे बड़ा अवॉर्ड है कोई अवॉर्ड उस एक वाक्य की बराबरी नहीं कर सकता जो आपके बच्चे ने आपकी तारीफ में कहा है। जिंदगी में कामयाबी जरूरी है, लेकिन अपने बच्चे की नजर में अच्छा इंसान और अच्छी मां होना उससे कहीं ज्यादा मायने रखता है। यही वो रिश्ता है, जो हर उपलब्धि से आगे बढ़कर दिल में हमेशा के लिए जगह बना लेता है। (तमाम इंटरव्यूज में)



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