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Sonam Wangchuk Statement | India Development 2047 & Education System Crisis


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5 घंटे पहले

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सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया।  - Dainik Bhaskar

सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भारत की प्रति व्यक्ति आय का जिक्र करते हुए कहा कि अगर मौजूदा स्थिति जारी रही तो 2047 तक भारत विकसित देश नहीं बन पाएगा।

वांगचुक के मुताबिक श्रीलंका-बांग्लादेश जैसे देश भारत से आगे निकल चुके हैं। देश को सही नेतृत्व चुनने के लिए शांतिपूर्ण क्रांति की जरूरत है।

उन्होंने गुरुवार देर रात एक वीडियो किया। इसमें उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इस दौरान उन्होंने देश और उसके भविष्य को लेकर काफी सोचा।

वीडियो में वांगचुक ने 5 बातें कहीं

  • 50 साल पहले भारत से पीछे और बराबर रहने वाले कई पड़ोसी देश अब काफी आगे निकल चुके हैं। थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश इसका उदाहरण है। अगर भारत को 2047 तक दुनिया में एक सम्मानित देश बने रहना है तो बड़े बदलाव की जरूरत है।
  • देश में शासन और व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं किया जा सकता। अलग-अलग पार्टियों की सरकारों के दौरान भी विरोध की आवाजों को दबाया गया है।
  • 2012-13 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद राजनीतिक बदलाव हुआ। सरकार बदलने के बावजूद भ्रष्टाचार और अन्याय खत्म नहीं हुआ। अब इन समस्याओं ने एक नया रूप ले लिया है और पहले से ज्यादा गंभीर हो गई हैं।
  • देश को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक नेतृत्व चुनने के तरीके में बदलाव जरूरी है। भारत को शांतिपूर्ण क्रांति की जरूरत है, ताकि देश को सही नेतृत्व मिल सके।
  • ऐसे लोगों की तलाश है, जो निस्वार्थ, निडर, चरित्रवान और सक्षम हों। पता नहीं ऐसे लोग देश में कहां हैं। लोगों से अपील है की वे अपने क्षेत्र और देश से कम से कम एक ऐसे व्यक्ति का नाम सुझाएं। इन लोगों के नाम मेरे लिए स्वतंत्रता दिवस का तोहफा होगा। ऐसे लोगों से मिलना चाहता हूं, जो देश का नया नक्शा बनाने में मदद कर सकें।
  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी उन्हें नए मंत्री से बड़े बदलाव की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। देश की तरक्की उसकी शिक्षा व्यवस्था से सीधे जुड़ी हुई है। जब तक शिक्षा पीछे रहेगी, देश का भविष्य भी पीछे रहेगा।

वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी

सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने यह हड़ताल NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में शुरू की थी।

तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट किया गया। सरकार के आश्वासन के बाद 24 जुलाई को वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की थी।

8 जुलाई को सोनम वांगचुक का वजन 7 किलो घटा था। वहीं, उनका ब्लड प्रेशर 103/68 रह गया था।

8 जुलाई को सोनम वांगचुक का वजन 7 किलो घटा था। वहीं, उनका ब्लड प्रेशर 103/68 रह गया था।

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग के लिए वांगचुक 170 दिन जेल में रहे

वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए।

सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।

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