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Sukhbir Badal Attack Nanded Gurudwara


सुखबीर बादल की बाजू में लगे टांके। इनसेट में सुखबीर बादल की फोटो

पंजाब के पूर्व डिप्टी CM एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में हमले के बाद 14 अगस्त को सुखबीर सिंह बादल को मेदांता अस्पता

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इस बीच उनके बाजू पर लगे टांकों की पहली तस्वीर सामने आई है। ये तस्वीर उनकी पत्नी सांसद हरसिमरत कौर बादल ने दिखाई। उन्होंने कहा कि 150 से ज्यादा टांके लगे हैं।

हरसिमरत कौर ने कहा कि हमलावर ने डेढ़ फीट की किरच से छाती पर वार किया था, लेकिन हाथ आगे आने से किरच हाथ से आर-पार हो गई। उन्होंने कहा कि इसकी जांच NIA को सौंपने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है, क्योंकि इसके पीछे साजिश है।

वहीं, हमलावर निहंग जसपाल सिंह ने दावा किया कि उसे हमला करने का आदेश गुरु साहिब से मिला था। उसने कहा है कि जब वह नांदेड़ में गुरुद्वारा साहिब में अरदास कर रहा था, उस समय उसे आदेश हुआ। उसके बाद जब सुखबीर बादल उसके सामने आए तो उसने उन पर वार कर दिया। सुखबीर बादल पर 13 अगस्त को हमला हुआ था।

सांसद हरसिमरत कौर ने बताया कि सुखबीर बादल पर डेढ़ फुट किरच से हमला किया गया।

सांसद हरसिमरत कौर ने बताया कि सुखबीर बादल पर डेढ़ फुट किरच से हमला किया गया।

अमित शाह को लिखे लेटर में अहम बातें…

  • 13 अगस्त 2026 हमले का विवरण: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और उनके बच्चे जब नांदेड़ साहिब गुरुघर से बाहर निकल रहे थे, तब एक अज्ञात हमलावर ने सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सुखबीर बादल की दाईं बांह में चोट आई और एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ।
  • 4 दिसंबर 2024 की घटना से तुलना: पत्र में आगे लिखा कि इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को गोल्डन टेंपल में भी सेवा निभाते समय सुखबीर बादल पर हमला किया गया था। दोनों हमलों का पैटर्न एक जैसा है और दोनों ही पवित्र गुरुघरों में किए गए।
  • पंजाब पुलिस पर सवाल उठाए: 4 दिसंबर के हमले का आरोपी नारायण सिंह चौड़ा सूचीबद्ध उग्रवादी और कथित ISI गुर्गा था, फिर भी उसे बिना सुरक्षा घेरे के सुखबीर बादल तक पहुंचने दिया गया। तत्कालीन एसपी हरपाल सिंह रंधावा को हमले से दो दिन पहले हमलावर के साथ घुलते-मिलते और ठहाके लगाते देखा गया था। तत्कालीन अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जांच से पहले ही हमलावर को निर्दोष ठहराने और पीड़ित पर ही सहानुभूति बटोरने का आरोप लगाने की कोशिश की।
  • आरोपी को आसानी से जमानत: पुलिस ने शुरुआत में सुखबीर बादल या उनकी सुरक्षा टीम के बयान दर्ज नहीं किए, बल्कि एफआईआर स्थानीय एसएचओ के बयान पर दर्ज की गई। बाद में आरोपी को आसानी से जमानत भी मिल गई।
  • पंजाब सरकार पर आरोप: पंजाब सरकार के वरिष्ठ सदस्यों ने इस जानलेवा हमले को ‘स्वाभाविक आक्रोश’ बताकर जायज ठहराने की कोशिश की, जिससे राजनीतिक हिंसा को सामान्य बनाने का खतरा पैदा हो रहा है।
  • धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता: गुरुघरों में बार-बार हो रहे ऐसे हमले सिख समुदाय और पंजाब को बदनाम करने की साजिश हो सकते हैं। पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए उग्रवादी व अंतर-राज्यीय नेटवर्क से जुड़ी साजिशों की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से होनी चाहिए।
  • NIA जांच की मुख्य मांग: 13 अगस्त 2026 और 4 दिसंबर 2024 दोनों जानलेवा हमलों की उच्च स्तरीय NIA जांच कराई जाए। यह पता लगाया जाए कि क्या दोनों हमलों के तार आपस में जुड़े हैं और इनके पीछे कोई बड़ी साजिश या विदेशी कनेक्शन तो नहीं है। निष्पक्ष जांच के तहत दोषियों को सजा दी जाए, खुफिया तंत्र की विफलता को सुधारा जाए और सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
किरच, जिससे निहंग ने सुखबीर बादल पर हमला किया।

किरच, जिससे निहंग ने सुखबीर बादल पर हमला किया।

रैली के दौरान हरसिमरत ने ये कहानी बताई…

  • बच्चों के सामने सुखबीर पर हमला हुआ: 15 अगस्त को लुधियाना के इसड़ू में रैली के दौरान सांसद हरसिमरत कौर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- मेरे और बच्चों के सामने सुखबीर बादल पर हमला हुआ है। हमला करने वाले ने तब हमला किया जब गुरुद्वारा साहिब से दर्शन कर आ रहे थे। बाणे की आड़ में हमला किया। मैं उसे सिख नहीं मानती।
  • किरच हाथ से आर-पार हुई: हरसिमरत ने कहा- निहंग जसपाल सिंह ने पहला हमला सुखबीर बादल पर किया। डेढ़ फीट की किरच सुखबीर बादल की छाती पर मारी, लेकिन सुखबीर बादल ने अपना हाथ आगे कर दिया। किरच हाथ से आर-पार हो गई।
  • दूसरा वार करने लगा तो इंस्पेक्टर ने पकड़ा: उन्होंने बताया कि दूसरा वार करने लगा तो सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर ने उसे पकड़ लिया और उसका हाथ भी कट गया। यह हमला सुनियोजित तरीके से किया है। उन पर हमला वहां किया गया जहां नजदीक अस्पताल भी नहीं है।

सुखबीर बादल बोले- गुरु साहिब का ऋणी सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनका रोम-रोम दशमेश पिता साहब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का ऋणी है, जिन्होंने जिंदगी की हर कठिन परीक्षा में उनके सिर पर मेहर भरा हाथ रखा है। करीब एक साल पहले भी श्री गुरु रामदास जी के पावन स्थान पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था और तब भी गुरु महाराज ने उन्हें जीवनदान बख्शा था।

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महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में हमले के बाद गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष व पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया। सुखबीर बादल के दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर बिक्रम सिंह मजीठिया समेत अकाली नेता उनसे मिलने पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)



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