रांची27 मिनट पहलेलेखक: राकेश
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जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द कर दी थी। इनमें 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है। हालांकि हाईकोर्ट ने इसे रद्द करने पर रोक लगा दी है। इस परीक्षा में सामने आई धांधली ने राज्य की पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीआईडी जांच में पता चला है कि बड़बड़ियों का मुख्य केंद्र सिर्फ प्राप्तांक नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों और बिचौलियों का मजबूत नेटवर्क रहा। 342 पदों पर हुई इस भर्ती में चयन सुनिश्चित करने के लिए नियमों की जमकर अनदेखी की गई।
जांच में पता चला कि इस परीक्षा में चयन के लिए 60-70 लाख रुपए में डील हुई। जांच के सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों के लिए बिचौलियों ने सदस्यों तक पहुंच बनाई। संपर्क वाले अभ्यर्थियों को कथित तौर पर संबंधित सदस्य के इंटरव्यू बोर्ड में भेजने की व्यवस्था हुई। जांच में सात अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में अंक बढ़ाने के लिए पैसे लेने की बात भी सामने आई। यही नहीं, इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों से कराई गई। जबकि नियम के मुताबिक स्थाई और तय अनुभव रखने वाले शिक्षक ही इनकी कॉपियों की जांच कर सकते हैं।
जानिए…कैसी-कैसी गड़बड़ियां सामने आईं
पैसे लेकर बिचौलियों ने किया पूरा खेल
जांच में पता चला है कि बिचौलियों ने कुछ अभ्यर्थियों के लिए जेपीएससी के प्रभावशाली लोगों से संपर्क साधा। फिर संबंधित अभ्यर्थियों को उसी सदस्य वाले इंटरव्यू बोर्ड में भेजने की व्यवस्था की गई। अब सीआईडी जांच कर रही है कि संपर्क और बोर्ड आवंटन के बीच क्या संबंध है।
पैसे लेकर 7 अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए
पूछताछ में आरोपियों ने सात अभ्यर्थियों से पैसे लेकर इंटरव्यू में उनके अंक बढ़वाने की बात स्वीकार की है। यही वह बिंदु है, जहां संपर्क नेटवर्क का असर सीधे मेरिट पर दिखाई दिया। अब पता लगाया जा रहा है कि ये सात अभ्यर्थी कौन थे, किस बिचौलिए से कैसे संपर्क साधा।
बिचौलियों की भूमिका सबसे संदिग्ध
इस परीक्षा में बिचौलियों की भूमिका सबसे संदिग्ध है। सूत्रों के मुताबिक एक बिचौलिए का नाम सामने आया है। इसी के जरिए जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष और कुछ सदस्यों सहित अन्य लोगों से संपर्क की बात सामने आ रही है। अब पता लगाया जा रहा है कि बिचौलियों ने किस तारीख पर किससे संपर्क किया। किन-किन अभ्यर्थियों के लिए इन्होंने पैरवी की।
पहली बार ऑनस्क्रीन मूल्यांकन
इस परीक्षा में पहली बार ऑनस्क्रीन मूल्यांकन किया गया। उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या भी दोगुनी कर दी गई। पहले एक दिन में एक शिक्षक को 25 उत्तर पुस्तिकाएं ही मूल्यांकन के लिए दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया। शिक्षकों को ऑनस्क्रीन मूल्यांकन की ट्रेनिंग भी नहीं दी गई। शिक्षक पहली बार कंप्यूटर पर जांचने बैठे थे।
सॉल्वर गैंग के आरोपी का भी चयन
जेपीएससी की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा में सॉल्वर गैंग के आरोपी का भी चयन हुआ है। एक आरोपी रवि पर यूपी पुलिस ने केस दर्ज किया था। वह अभ्यर्थी 25 हजार रुपए का इनामी भी रह चुका है। इसके अलावा हरियाणा में भी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने का आरोप है। रवि का चयन प्रशासनिक सेवा पद के लिए हुआ है।
विज्ञापन जारी होने से हाईकोर्ट तक का सफर
| तारीख/अवधि | घटना |
| जनवरी 2024 | 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा के 342 पदों के लिए विज्ञापन जारी |
| 29 फरवरी 2024 | ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि |
| 17 मार्च 2024 | प्रारंभिक परीक्षा (PT) आयोजित की गई |
| 22 अप्रैल 2024 | PT का रिजल्ट जारी; 7,011 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल |
| 22-24 जून 2024 | मुख्य परीक्षा आयोजित |
| 20 मई 2025 | मुख्य परीक्षा का परिणाम; 864 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए सफल |
| 25 जुलाई 2025 | फाइनल रिजल्ट जारी; 342 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन |
| 18 अगस्त 2026 | नियुक्तियां रद्द करने का आदेश जारी किया गया |
| 20 अगस्त 2026 | हाईकोर्ट ने नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक लगाई |

