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अनिरुद्धाचार्य बोले- रामपाल के सेवादारों को क्रिश्चियनों से फंडिंग:करनाल में कहा- ये लोग सनातन के शत्रु, इनके एजेंडे से बचना चाहिए




करनाल में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने एक विवादित टिप्पणी कर दी। कार्यक्रम में आए एक युवक ने सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल के सेवादारों पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप लगाया। इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा- इन लोगों को क्रिश्चियन सपोर्ट करते हैं। उनसे फंडिंग मिल जाती है। इसीलिए ये सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ये सनातन के शत्रु है। हमे इनके एजेंडे से बचना चाहिए। इसी कथा में 7 सितंबर को एक युवती के इंटरकास्ट मैरिज सवाल पर उन्होंने कहा था कि प्रेम तो कुत्ते-गधे से हो जाता है। लेकिन हमें प्रेम करने से पहले आधार कार्ड देखना चाहिए। ये तो चमड़ी का प्यार है। क्रिश्चियन डायरेक्ट विरोध नहीं कर सकते करनाल के तरावड़ी में 5 सितंबर से श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। शुक्रवार को कथा का समापन हुआ। इस दौरान एक युवक ने अनिरुद्धाचार्य से कहा- सनातन धर्म सबसे श्रेष्ठ धर्म है। आजकल एक आठवां अजूबा धरती पर है, जिनका नाम संत रामपाल है। उनके सेवादार भागवान शिव और कृष्ण भगवान के बारे में गलत बोलते हैं। संविधान या कानून में कहा लिखा है कि भगवानों को गालियां दी जाए? इस पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा, वे सनातन के दुश्मन हैं। क्रिश्चियन लोग डायरेक्ट तो विरोध कर नहीं सकते, मगर ऐसे लोगों को अपने साथ रखकर उन्हें सनातन के खिलाफ करना चाहते हैं। ये सब इनका एजेंडा है, जिससे हमें बचना चाहिए। युवती के सवाल पर कहा था- आधार कार्ड देखो चार दिन पहले कथा में नीलोखेड़ी की एक युवती ने बताया था कि वह ब्राह्मण है और दूसरी जाति के युवक से प्यार करती थी। मां के विरोध के बावजूद उसने उससे शादी कर ली। आरोप है कि मां उसे करीब एक महीने तक कमरे में बंद रखकर फोन भी ले चुकी थीं। युवती ने कहा कि वह परिवार से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती, बल्कि चाहती है कि मां उसके पति को स्वीकार कर लें। इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा था, युवती की मां ने धर्म और परिवार की चिंता के कारण शादी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि संविधान पसंद से शादी की आजादी देता है, जबकि धर्म में विवाह को लेकर अलग मर्यादाएं हैं। विवाह से पहले व्यक्ति के परिवार, संस्कार और भविष्य को समझना जरूरी है। किसी से प्रेम करने से पहले उसका आधार कार्ड तक देख लेना चाहिए। ———– यह खबर भी पढ़ें… अनिरुद्धाचार्य बोले-आधार कार्ड देखकर प्यार करो:युवती ने इंटरकास्ट मैरिज पर सवाल किए, करनाल में आचार्य बोले- प्रेम तो कुत्ते-गधे से हो जाए करनाल में आयोजित अनिरुद्धाचार्य की कथा के दौरान प्रश्नोत्तरी में एक युवती ने इंटरकास्ट लव मैरिज और परिवार की नाराजगी को लेकर आचार्य से कई सवाल पूछे। युवती ने बताया कि ब्राह्मण परिवार से होने के कारण उसकी मां ने अनुसूचित जाति के युवक से उसके रिश्ते का विरोध किया। (पूरी खबर पढ़ें)



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