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फाजिल्का जिले के अबोहर विधानसभा हलके से सटी 7 पंचायतों के लोगों ने आगामी विधानसभा चुनावों का पूरी तरह बहिष्कार करने का ऐलान किया है। लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने चुनाव बहिष्कार रैली भी निकाली। इस दौरान ग्रामीणों ने काली झंडियां लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी राजनीतिक दल के नेता को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। जमीन के मालिकाना हक और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जमीनों के मालिकाना हक का समाधान करवाने और गांवों के बीच से निकाले गए बाईपास के लिए सरकार द्वारा ली गई जमीन का सही मुआवजा लेने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि अलग-अलग राजनीतिक नेताओं ने समय-समय पर उनके संघर्ष का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की। लेकिन, छोटे किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए किसी ने गंभीरता से बात नहीं उठाई। बोले-काली झंडियों से किया जाएगा स्वागत ग्रामीणों ने राजनीतिक नेताओं को चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वे गांवों की तरफ न आए। अगर वे आते हैं, तो उनका स्वागत काली झंडियों के साथ किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर खुद को नेता बताने वाले लोगों से भी पंचायतों के सामूहिक फैसले को न तोड़ने की अपील की। ग्रामीणों ने बताया कि पिछली लोकसभा चुनावों के दौरान भी ऐसी ही एक मुहिम चलाई गई थी। हालांकि, उस समय केवल कुछ किसान संगठनों के नेता ही इसका साथ दे रहे थे। इन लोगों ने रैली को किया संबोधित इस बार सातों पंचायतों के मौजूदा और पूर्व सरपंचों ने भी ग्रामीणों के फैसले पर सहमति जताते हुए इसके प्रचार-प्रसार में बराबर जिम्मेदारी निभाने का भरोसा दिया है। रैली को सरपंच गुरदेव सिंह, रमणदीप सिंह, मनदीप सिंह, छिंदरपाल सिंह, विलियम, सुखविंदर सिंह, बलवंत सिंह तथा क्रांतिकारी किसान मोर्चा के नेता संदीप सिंह ने संबोधित किया। सरपंच मनदीप सिंह, ब्लॉक समिति चेयरमैन गुरदेव सिंह, रमणदीप सिंह, डीवाईएफआई नेता राजवीर सिंह तथा सरपंच छिंदरपाल सिंह ने रैली में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया।
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अबोहर की 7 पंचायतों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान:जमीन के मालिकाना हक और मुआवजे की मांग, गांवों में नेताओं की नो एंट्री
