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अमृतसर ग्रेनेड हमला सुलझा:गैंगस्टर पासिया की मां समेत 3-गिरफ्तार, दो मुख्य आरोपी 5-दिन के पुलिस रिमांड पर, सरपंची विवाद में रची साजिश




अमृतसर के सीमावर्ती गांव जट्टा में एक घर पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक, हमला पुरानी रंजिश, सरपंची चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में कराया गया था। इस मामले में गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ ​​हैप्पी पासिया की मां को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। अब पुलिस ने ग्रेनेड हमला करने वाले दो मुख्य आरोपियों जगरूप सिंह और विश्वासप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। बॉर्डर रेंज के डीआईजी और पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमृतसर देहाती पुलिस और स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने जगरूप सिंह और विश्वासप्रीत सिंह को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। डीआईजी ने बताया कि थाना रमदास के इलाके में हुए इस हमले की जांच के लिए अमृतसर देहात पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। एसएसपी अमृतसर देहात कंवलप्रीत सिंह चहल की अगुवाई में पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। सरपंची चुनाव के दौरान यह विवाद और बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार, हमले से करीब तीन-चार दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था हवाई फायरिंग की गई थी। इसके बाद ग्रेनेड हमले की साजिश रची गई। पाशिया की बहन किरणदीप कौर की गिरफ्तारी बाकी जांच में गैंगस्टर पासिया की मां कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने पाशिया की मां भूपिंदर कौर को गिरफ्तार किया है, जबकि उसकी बहन किरणदीप कौर की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने विदेश में बैठे एक व्यक्ति से संपर्क किया था। सिंगापुर में बैठा ‘सैंडी’ नाम का व्यक्ति भी जांच में अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, आरोपियों को हमले के लिए करीब एक लाख रुपये देने की बात हुई थी, लेकिन उन्हें लगभग 30 हजार रुपये ही दिए गए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब पर उपलब्ध सामग्री के जरिए ग्रेनेड के इस्तेमाल की जानकारी हासिल की थी। फिलहाल किसी विशेष संगठन से ट्रेनिंग मिलने की बात सामने नहीं आई है। ग्रेनेड ड्रॉपिंग से लेकर नेटवर्क के फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक खंगाल रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तान से ग्रेनेड किस तरह ड्रोन के जरिए भेजे गए, ड्रोन की ड्रॉपिंग कहां हुई और वहां से ग्रेनेड आरोपियों तक कैसे पहुंचे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है।



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