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अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मुस्तैदी दिखाते हुए किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे एक खतरनाक शूटर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन शूटर पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि उनके चौथे साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई की शुरुआत एक नाकेबंदी के दौरान हुई। पुलिस टीम ने विशाल नाम के एक संदिग्ध युवक को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अत्याधुनिक .30 बोर की ग्लॉक (Glock) पिस्टल बरामद हुई। जब पुलिस ने विशाल से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि उसके गिरोह के चार अन्य शूटर अटारी-थांदा रोड के पास छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। शुटरों को छिपे होने की मिली जानकारी शूटरों के छिपे होने की जानकारी मिलते ही डीसीपी सिटी जसकिरण तेजा और डीसीपी इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। चौथे साथी को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में तीन शूटरों—पहलवान, शिवम और लवकेश की टांगों में गोलियां लगीं और वे घायल होकर गिर पड़े। वहीं, उनके चौथे साथी राजविंदर को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध और आधुनिक हथियार बरामद किए है। पकड़े गए आरोपियों में से एक फरीदकोट और दूसरा फिरोजपुर का रहने वाला है। विदेशी और अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद 02 .30 बोर ग्लॉक (Glock) पिस्टल 03 बरेटा (Beretta) पिस्टल 20 जिंदा कारतूस विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर फैला रहे थे दहशत: पुलिस कमिश्नर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह कोई आतंकी संगठन नहीं है, बल्कि एक संगठित आपराधिक गिरोह (Organized Crime Gang) है। ये बदमाश विदेश में बैठे अपने आकाओं और गैंगस्टरों के इशारे पर पंजाब में रंगदारी, फिरौती और टारगेट किलिंग (लक्षित हत्याओं) जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। इनका मुख्य मकसद केवल दहशत फैलाकर मोटी रकम वसूलना है। आपराधिक रिकॉर्ड और आगे की कार्रवाई पुलिस अब पकड़े गए सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इनमें से एक आरोपी के खिलाफ फिरोजपुर के गुरुहरसहाय थाने में आर्म्स एक्ट के तहत पहले से ही मामला दर्ज है। पुलिस की टीमें इस गिरोह के अन्य संपर्कों और हथियारों के स्रोत (सप्लाई चेन) का पता लगाने के लिए पड़ोसी जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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अमृतसर में पुलिस और शूटर्स के बीच मुठभेड़:3 बदमाश घायल, 1 गिरफ्तार; टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, 5 अवैध हथियार और 20 जिंदा कारतूस मिले
