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अमेरिका में पहली बार मौत की सजा को लाइव टीवी पर दिखाया जाएगा। पूर्व आर्मी मेजर निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस सजा का लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा, ताकि आम लोग इसे देख सकें। BBC के मुताबिक, 100 साल में यह अमेरिका में पहली सार्वजनिक तौर पर दी गई मौत की सजा होगी। हसन ने 2009 में टेक्सास के सैन्य अड्डे पर धार्मिक नारा लगाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें 13 सैनिकों की मौत हो गई थी। अब 3 दिसंबर को यहीं मौत की सजा दी जाएगी। 65 साल बाद सैनिक को मौत की सजा का पहला ऐसा मामला 1961 के बाद अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था के तहत मौत की सजा पाने वाला निदाल हसन पहला व्यक्ति होगा। सैन्य व्यवस्था में आखिरी बार प्राइवेट जॉन ए. बेनेट को मौत की सजा दी गई थी। हेगसेथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि हसन को सैनिकों की एक टुकड़ी गोली मारकर मौत की सजा देगी। हेगसेथ ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग इसे देख सकें और यह सार्वजनिक हो। लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह के कामों के गंभीर नतीजे होते हैं।’ हमले के बाद माना था- जिहाद के लिए किया 5 नवंबर 2009 को सेना के मनोचिकित्सक मेजर निदाल हसन निजी पिस्तौल लेकर फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पहुंचा और सैनिकों व अन्य लोगों पर अचानक गोलीबारी कर दी। यह अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी थी। उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में युद्ध लड़ रहा था। हसन ने बाद में कहा कि वह इन युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानता था और जिहाद के लिए हमला किया था। गोलीबारी में हसन भी घायल हुआ और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। सैन्य अदालत में उसने हत्याओं की बात स्वीकार की। 2013 में उसे पहले से हत्या की योजना बनाने और हत्या की कोशिश के कुल 45 मामलों में दोषी ठहराया गया। हसन ने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने उसने कहा कि वह चाहता था कि हमले में उसकी भी मौत हो जाती, ताकि वह शहीद बन सके। उसका यह तक कहा कि मौत की सजा मिलने पर भी वह खुद को शहीद मानेगा। अदालत में अपील करने से सजा अब भी टल सकती है सैन्य व्यवस्था में किसी कैदी को तब तक मौत की सजा नहीं दी जा सकती, जब तक राष्ट्रपति खुद उस सजा की पुष्टि न करें। इसके बाद भी कानूनी अपील के कारण सजा पर रोक लग सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को हसन को गोली मारकर मौत की सजा देने का आदेश मंजूर कर दिया था। वकील जॉन मिल्स के मुताबिक, हसन के मामले में अपील की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हसन अपने दोषी ठहराए जाने और मौत की सजा के फैसले को अदालत में चुनौती दे सकता है। ऐसी स्थिति में सजा पर रोक लगने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘गोली मारकर दी जाने वाली मौत की सजा का लाइव प्रसारण करने की कोशिश ट्रम्प प्रशासन का सिर्फ ध्यान खींचने का तरीका है। इसकी संभावना भी कम है कि सजा दी जा सकेगी, न्याय मिलना तो दूर की बात है।’ ——————– यह खबर भी पढ़ें… ओबामा के करीबी थे, अब ट्रम्प के खास बने जुकरबर्ग:राष्ट्रपति ने जेल भेजने की धमकी दी थी, अब साथ मिलकर AI के नियम बना रहे मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग कभी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के करीबी थे। 2021 में फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प का अकाउंट बंद कर दिए, तो उन्होंने जुकरबर्ग को जेल भेजने की धमकी दी थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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अमेरिका में पहली बार सजा-ए-मौत टीवी पर लाइव होगी:16 साल पहले जहां 13 लोगों की जान ली, दोषी को वहीं गोली मारी जाएगी
