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राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम मजबूत करने और लोगों को प्राथमिक जीवन बचाने वाली ट्रेनिंग देने के लिए निर्देश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और चंद्रशेखर शर्मा की बेंच ने बाहेती एजुकेशनल ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह अस्पतालों में AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) की उपलब्धता और CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) कैंपों की नई रिपोर्ट पेश करे। साथ ही दो सालों की विस्तार योजना का रोडमैप भी कोर्ट में रखें। सुनवाई में राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया- प्रदेश के सभी टर्शरी केयर सेंटर्स, जिला और उप-जिला अस्पतालों में AED मशीनें दे दी गई हैं। CPR ट्रेनिंग कैंप भी लगातार किए जा रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही AED उपकरणों की असली स्थिति और अब तक हुए CPR ट्रेनिंग कैंपों की पूरी जानकारी रिपोर्ट में दी जाएगी। अगले दो साल में इन सुविधाओं को राज्य के दूसरे इलाकों में कैसे बढ़ाया जाएगा, यह भी बताया जाएगा। अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
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अस्पतालों में AED-CPR ट्रेनिंग के लिए रोडमैप बनाने के निर्देश:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 2 साल की विस्तार योजना की मांगी रिपोर्ट
