भोपाल10 मिनट पहले
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मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस अब आंदोलन को मध्यप्रदेश से दिल्ली तक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदलने की तैयारी में है।
AICC ने इसके लिए दो महीने का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। इसी कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश के सभी 71 संगठनात्मक जिलों से करीब एक लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य तय किया है।
एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के मुताबिक, 25 नवंबर को ग्वालियर में करीब एक लाख कांग्रेसियों को जुटाया जाएगा और 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा। दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ी रैली होगी।
डॉ. कामले ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ AICC ने दो महीने का कार्यक्रम बनाकर उसका परिपत्र प्रदेश कांग्रेस को भेजा है। उसी के आधार पर प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर मार्च, प्रदर्शन और जनसंपर्क कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
कांग्रेस एसआईआर के समय से ही मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े काम के लिए अलग विभाग बनाकर काम किया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों में नाम काटने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और इसी मुद्दे को लेकर पार्टी लगातार आंदोलन कर रही है।
1 नवंबर को भी दिल्ली में जुटेगी कांग्रेस
कांग्रेस के दो महीने के कार्यक्रम में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मेगा राष्ट्रीय रैली का भी कार्यक्रम है। इसमें INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। AICC ने सभी प्रदेश, जिला, ब्लॉक, फ्रंटल संगठनों और जमीनी कार्यकर्ताओं से इसमें भागीदारी का आह्वान किया है।
इसके बाद आंदोलन का सबसे बड़ा चरण 25 और 26 नवंबर को होगा। AICC के रोडमैप में 25-26 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम रखा गया है।
छह प्रमुख मार्गों- सहारनपुर, जयपुर, अलीगढ़/मेरठ, देहरादून, चंडीगढ़ और ग्वालियर से यात्राओं के दिल्ली पहुंचने की योजना है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस का फोकस ग्वालियर मार्ग पर रहेगा। डॉ. कामले के मुताबिक, 25 नवंबर को ग्वालियर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे और अगले दिन दिल्ली के लिए कूच करेंगे। उनका कहना है कि संविधान दिवस के मौके पर दिल्ली में होने वाली रैली में मध्यप्रदेश से करीब एक लाख लोगों को ले जाने की तैयारी है।

दो महीने में ऐसे चलेगा अभियान
चरण-1 : ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ — 2 से 8 अक्टूबर
कांग्रेस ने आंदोलन के पहले चरण के रूप में 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया। पार्टी ने इसे मतदाता अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ते हुए अभियान की शुरुआत बताया है।
चरण-2 : ब्लॉक स्तर पर मार्च — 10 से 20 अक्टूबर
इस चरण में प्रत्येक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को महात्मा गांधी या डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा से एसडीएम या स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय तक पदयात्रा, साइकिल रैली या बाइक रैली निकालने के निर्देश हैं। समापन स्थल पर संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ और राष्ट्रगान होगा। इसके साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
10 से 18 अक्टूबर के बीच दशहरा के दौरान होने वाली सार्वजनिक सभाओं में कांग्रेस कार्यकर्ता और फ्रंटल संगठनों के स्वयंसेवक आम लोगों के बीच ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर जानकारी देने वाले पर्चे भी बांटेंगे।

चरण-3 : ‘वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल’ — 25 अक्टूबर से 25 नवंबर
25 अक्टूबर को प्रदेश और जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ PCC नेताओं और DCC अध्यक्षों के नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों, जिला नेताओं और बूथ लेवल एजेंट्स यानी BLAs के साथ बैठकें होंगी।
बूथ स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन इस चरण का अहम हिस्सा होगा। कांग्रेस ने BLAs को ‘वोट रक्षक’ नाम दिया है। वे ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे, जिनके नाम कथित तौर पर हटाए गए हैं या जिनके नाम में हेरफेर हुआ है। सत्यापित रिकॉर्ड और मतदाता डोजियर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में जमा किए जाएंगे।
इसके बाद गांव-गांव चारपाई के आसपास चौपाल लगाई जाएगी। इसमें चिन्हित मतदाताओं, बुजुर्गों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को शामिल किया जाएगा। यहां मतदाता सूची और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर जानकारी देने के साथ अनुच्छेद 326 का पाठ, राष्ट्रगान और पर्चा वितरण किया जाएगा।
1 नवंबर : रामलीला मैदान में राष्ट्रीय मेगा रैली
कांग्रेस ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में मेगा राष्ट्रीय रैली का कार्यक्रम रखा है। इसमें INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ कांग्रेस के सांसद, विधायक, PCC-DCC पदाधिकारी, ब्लॉक नेतृत्व, फ्रंटल संगठन और जमीनी कार्यकर्ता शामिल होंगे।
चरण-4 : ‘दिल्ली चलो’ — 25 और 26 नवंबर
संविधान दिवस के मौके पर 25-26 नवंबर को आंदोलन का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा। AICC के मुताबिक छह प्रमुख मार्गों से बहु-राज्य यात्राएं दिल्ली पहुंचेंगी। इनमें ग्वालियर भी प्रमुख मार्ग है। प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस इकाइयों को वाहनों, यात्रियों और रूट कैप्टन की जानकारी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को देने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश में इसी चरण को लेकर सबसे बड़ा लक्ष्य रखा गया है। संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के अनुसार, प्रदेश के 71 संगठनात्मक जिलों से करीब एक लाख लोगों को ग्वालियर में जुटाकर दिल्ली ले जाने की तैयारी है। दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ी रैली के जरिए कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
निगरानी भी 24 घंटे
AICC ने अभियान के सभी चरणों की निगरानी के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष और AICC कनेक्ट सेंटर को जिम्मेदारी दी है। ये राज्यों में चल रहे प्रत्येक चरण की चौबीसों घंटे निगरानी और समीक्षा करेंगे।
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