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आईआईटी इंदौर:इलेक्ट्रिकल में कड़ी स्पर्धा, कम्प्यूटर साइंस का क्रेज बरकरार, सिविल-स्पेस साइंस में राहत




इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) इंदौर में इस सत्र में एडमिशन के लिए जोसा (जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। पिछले साल (2025) तक जोसा काउंसलिंग के 6 राउंड होते थे, लेकिन इस बार इसे 5 राउंड का कर दिया गया है। इसका सीधा असर सामान्य श्रेणी में विभिन्न ब्रांचों की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक (कटऑफ) पर दिखा है। आईआईटी इंदौर की दो सालों (2025 और 2026) के पहले और आखिरी राउंड की कटऑफ देखें तो इस बार कम्प्यूटर साइंस ब्रांच और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन की राह ज्यादा कठिन रही।
सीएस:1676 रैंक पर क्लोज
सीएस (कम्प्यूटर साइंस) को लेकर विद्यार्थियों में क्रेज बना हुआ है। साल 2025 के अंतिम राउंड में सीएस की क्लोजिंग रैंक 1775 थी। इस साल 1676 रैंक तक ही एडमिशन मिल पाया। यानी 1677 या उससे ऊपर रैंक वाले छात्रों को आईआईटी इंदौर में दूसरी ब्रांच लेकर समझौता करना पड़ा। इलेक्ट्रिकल में भी बढ़ी स्पर्धा
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में पिछले साल अंतिम राउंड में 3723 रैंक तक के विद्यार्थियों को प्रवेश मिल गया था। इस बार 5वें राउंड में ही यह ब्रांच 3350 रैंक पर बंद हो गई। मैथ्स एंड कम्प्यूटिंग ब्रांच भी पसंदीदा रही। इसमें पहले ही राउंड से तेजी से एडमिशन हुए। इस साल यह 2136 रैंक पर बंद हुई। सिविल और स्पेस साइंस में मिले अच्छे मौके

सिविल ब्रांच पिछले साल 10641 रैंक पर बंद हो गई थी। इस साल 5वें राउंड में 11604 रैंक तक गई। इसी तरह स्पेस साइंस में पिछले साल अंतिम कटऑफ 7419 था। यह इस साल खिसककर 7950 तक चला गया।



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