चंडीगढ़ | सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों को कानूनी व वित्तीय सहायता देने को लेकर केंद्र के आदेशों के आधार पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय के कार्मिक विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि किसी अधिकारी के खिलाफ उसके आधिकारिक कर्तव्यों या पद के निर्वहन से जुड़े मामलों में कोई कार्यवाही शुरू की जाती है, तो सरकार नियमों के तहत कानूनी और वित्तीय सहायता पर विचार कर सकती है। लेकिन मामले अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्यों से जुड़े नहीं हैं तो सरकार द्वारा कोई सहायता नहीं दी जाएगी। सरकार द्वारा अपने बचाव के खर्चों को पूरा करने के लिए नियमों के तहत ब्याज मुक्त अग्रिम या भविष्य निधि से अग्रिम राशि दिए जाने का प्रावधान है, जो निर्धारित शर्तों व बॉन्ड के अधीन होगा। सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्ति के 3 साल बाद अनुशासनात्मक मामलों में सहायता नहीं दी जाएगी। पहले यह था प्रावधान… सेवारत अधिकारियों के लिए बनी कानूनी सहायता की व्यवस्था को सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों तक भी बढ़ा दिया गया था। पहले सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को भविष्य निधि से उस राशि तक का अग्रिम मिल सकता था जिसका वह दावेदार था, जो तीन महीने के वेतन या शेष राशि के आधे हिस्से (जो भी कम हो) से अधिक नहीं होता था।
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आईएएस-आईपीएस को मिलेगी कानूनी और आर्थिक सहायता
