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आतंकी पन्नू ने भारत के खिलाफ वीडियो किया जारी:इंडियानापोलिस में कल रेफरेंडम वोटिंग का दावा; ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का नया दांव




खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक नया वीडियो जारी कर भारत के खिलाफ जहर उगला है। उसने दावा किया कि अमेरिका के इंडियाना राज्य (इंडियानापोलिस) में 16 अगस्त को प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ द्वारा आयोजित कराए जा रहे गैर-आधिकारिक ‘खालिस्तान रेफरेंडम’ को लेकर हलचल तेज हो गई है। सिख फॉर जस्टिस संगठन के लीगल काउंसिल और भारत द्वारा घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया है कि अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) के अधिकारियों ने इंडियानापोलिस के ग्रीनवुड क्षेत्र में लगे रेफरेंडम स्टॉलों पर पहुंचकर सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात की है। पन्नू ने वीडियो जारी कर दावा किया कि FBI ने सिख संगत को ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ यानि विदेशों में होने वाले लक्षित दबाव व धमकियों और विदेशी हस्तक्षेप के प्रति सतर्क रहने के लिए विशेष जागरूकता सामग्री बांटी है और किसी भी अप्रिय घटना या धमकी की सूरत में तुरंत एजेंसी को रिपोर्ट करने की सलाह दी है। 16 अगस्त को इंडियानापोलिस पहुंचने की अपील आतंकी पन्नू ने एक वीडियो संदेश जारी कर अमेरिका और कनाडा में बसे सिखों को 16 अगस्त रविवार को इंडियानापोलिस के रिचर्ड जी. लूगर प्लाजा में एकत्र होकर रेफरेंडम के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। पन्नू ने दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन और FBI नागरिकों की अभिव्यक्ति और सुरक्षा के अधिकार के साथ खड़े हैं। उसने आरोप लगाया कि भारतीय सरकार विदेशी धरती पर खालिस्तान समर्थकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सिखों को सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग हासिल है। क्या है ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ ? पन्नू ने दावा किया कि सुरक्षा एजेंसियों और अमेरिकी न्याय विभाग की शब्दावली में ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ का अर्थ उस स्थिति से है जब कोई विदेशी सरकार अपनी सीमाओं से बाहर जाकर दूसरे देश में रह रहे राजनीतिक विरोधियों, नागरिकों या कार्यकर्ताओं को डराने, धमकाने, उन पर निगरानी रखने या उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है। गौरतलब है कि हरदीप सिंह निज्जर मामले और अमेरिका में पन्नू की हत्या की कथित साजिश के आरोपों के बाद से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय सिख कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं। भारत विरोधी एजेंडे पर भारतीय एजेंसियों की नजर 15 अगस्त के ठीक अगले दिन 16 अगस्त को विदेशी धरती पर आयोजित किए जा रहे इस असंवैधानिक रेफरेंडम पर भारतीय विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों की भी पैनी नजर बनी हुई है। भारत सरकार लगातार विदेशी सरकारों के समक्ष SFJ की अलगाववादी गतिविधियों और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाले इन आयोजनों पर कड़ा ऐतराज जताती रही है। वीडियो में आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के 5 मुख्य दावे : 16 अगस्त को इंडियाना में वोटिंग का आह्वान: पन्नू ने अमेरिका और कनाडा में बसे सिख युवाओं व जनता से अपील की है कि वे 16 अगस्त (रविवार) को छुट्टियां लेकर या ट्रकों के जरिए हर हाल में इंडियाना (अमेरिका) पहुंचें और ‘खालिस्तान रेफरेंडम’ के पक्ष में मतदान करें। FBI द्वारा लीगल व सुरक्षा मटीरियल देने का दावा: पन्नू का दावा है कि शुक्रवार को FBI के अधिकारी खुद गुरुद्वारा साहिब और रेफरेंडम के प्रचार में लगे कार्यकर्ताओं से मिले। उन्होंने सिखों को ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ और ‘फॉरेन इंटरफेरेंस’ से जुड़ी जानकारी व जागरूकता सामग्री दी। ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ की पन्नू की परिभाषा: पन्नू ने अपने संदेश में हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या और खुद पर अमेरिका में हुए कथित जानलेवा हमले की कोशिश का हवाला देकर इसे ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ (विदेशी धरती पर भारतीय सरकार का दबाव/हमला) करार दिया है। उसने कहा कि एपबीआई सिखों को जागरूक कर रही है कि अगर भारत या पंजाब में उनके परिवारों को कोई खतरा हो तो FBI से कैसे संपर्क करें। 15 अगस्त का बहिष्कार और 1984 का जिक्र: उसने भारत के 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) का विरोध करते हुए कहा कि सिखों के लिए यह आजादी का दिन नहीं है। इसके साथ ही 16 अगस्त की वोटिंग को 1984 के दौरान मारी गईं बच्चियों (बीबी सतनाम कौर व बीबी वाहेगुरु कौर) के नाम समर्पित करने का दांव खेला। बिना किसी डर के जुटने का उकसावा: पन्नू ने अमेरिका और कनाडा के सिखों को यह कहकर बरगलाने की कोशिश की है कि अमेरिकी प्रशासन और FBI उनके साथ खड़ी है, इसलिए किसी को कानून या सुरक्षा का डर रखने की जरूरत नहीं है और वे सीधे पोलिंग बूथ तक पहुंचें।



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