चंडीगढ़| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को भेजे पत्र पर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार समेत सीबीआई, ईडी और अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से खास तौर पर पूछा है कि ईडी के पत्र के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई। ईडी ने पत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगियों नितिन गोहल व बीर देविंदर के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। ईडी का आरोप है कि संबंधित लोग प्रशासनिक तबादलों और नियुक्तियों के साथ सरकारी टेंडरों में भी हस्तक्षेप कर रहे थे। इसी आधार पर अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि ईडी के पत्र में गंभीर आरोप हैं और इनमें पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठते हैं। याचिकाकर्ता ने पंजाब पुलिस या विजिलेंस के बजाय केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। याचिका में कथित लेन-देन की पूरी कड़ी की जांच की मांग भी की गई है, धनराशि कहां से आई, किसके माध्यम से किस तक पहुंची और इसमें कौन-कौन शामिल रहे। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
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ईडी के पत्र पर हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- अब तक क्या कार्रवाई की
