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एम्स में रेजिडेंट की हड़ताल जारी, सीनियर डॉक्टर्स संभालेंगे ओपीडी:केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत में भी नहीं बनी सहमति, डायरेक्टर के इस्तीफे पर अड़े




जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। रेजिडेंट डॉक्टर्स शनिवार को ओपीडी पहुंचे। अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच पहुंचे और बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रेजिडेंट्स को सुना और हड़ताल वापस लेने के लिए समझाइश की। इसके बाद शेखावत ने एम्स के डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी सहित एम्स अधिकारियों के साथ अलग से मीटिंग की। एम्स प्रशासन के साथ शेखावत की बातचीत के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी मांगो को लेकर बातचीत हुई। बातचीत में रेजिडेंट्स की मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स ने मीटिंग करके हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव ने मंगलवार को सुसाइड किया था। इसके बाद गुरुवार से रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। वहीं एम्स प्रशासन ने रेजिडेंट डॉक्टर के मौत कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। डॉ. सूरजित घटक की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में
विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वित्तीय सलाहकार शामिल हैं। समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ बातचीत करके कर उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार कर रही है। वहीं, एम्स प्रशासन ने रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच ओपीडी फिर शुरू करने का निर्णय लिया है। सीनियर डॉक्टर्स ओपीडी में सुबह 9 बजे से 1 बजे तक मरीजों को को देखेंगे। वहीं, सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी में रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इससे पहले बीती रात रेजिडेंट डॉक्टर्स ने एम्स डायरेक्टर के बंगले के बाहर इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दिया। रेजिडेंट रातभर वहीं डटे रहे। ये हैं मांगें रेजिडेंट डॉक्टर्स की मांग है कि मामले में एम्स डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी इस्तीफा दें और एडमिनिस्ट्रेशन सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। गुरुवार से डॉक्टर्स की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है। ओपीडी का बहिष्कार किया गया। ये है मामला गौरतलब है कि जोधपुर एम्स में ड्यूटी करने पहुंचे रेजीडेंट राजनरेश यादव (29) पुत्र नरेश कुमार की मंगलवार को रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिलने के बाद मौत हो गई थी। राजनरेश एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई गई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी। राजनरेश का बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है। वहीं पिता गांव में ही रहते हैं। मृतक ने एम्स से MBBS किया था। इसके बाद यहीं से PG कर रहा था। डॉक्टर्स ने किया था दावा- 36-36 घंटे काम करवाया जा रहा वहीं, बुधवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर्स का कहना था- हमारी मांग है कि डॉक्टर की मौत पर मैनेजमेंट माफी मांगे। जो भी जिम्मेदार है, वो माफी मांगे। मृतक के परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। एम्स डायरेक्टर का इस्तीफा होना चाहिए। उनकी वजह से ये हालात हुई है कि डॉक्टर की मौत हुई है। इसके साथ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) बनना चाहिए। आरडीए की मांग मान ली गई है। बाकी दो मांग पर बात नहीं बनी। जब तक पूरी नहीं होंगी, हम बैठे रहेंगे। डॉक्टर 36-36 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी कोई परवाह नहीं है।



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