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एलएसडी से बचाव के लिए औरंगाबाद में मुफ्त टीकाकरण अभियान:पशुओं को लगाया जाएगा लंपी स्किन डिजीज से बचाव का टीका, पशुपालकों से अभियान में सहयोग की अपील




औरंगाबाद जिले में लम्पी स्किन डिजीज (LSD) से पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए निःशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार के निर्देशन और जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के नेतृत्व में अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले में संक्रामक पशु रोग लम्पी स्किन डिजीज के संभावित संक्रमण को रोकना और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लम्पी स्किन डिजीज मुख्य रूप से पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। इसके कारण पशुपालकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए जिले में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पशुओं को पूरी तरह निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिक से अधिक पात्र पशुओं को टीकाकरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। घर-घर पहुंचकर पशुओं को लगेगा मुफ्त टीका अभियान की खास बात यह है कि पशुपालकों को अपने पशुओं को लेकर टीकाकरण केंद्र तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिले के सभी प्रखंडों में डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन सेवा के माध्यम से पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए विभागीय टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचेंगी। टीमों द्वारा पात्र पशुओं की पहचान कर उनका निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। इससे दूर-दराज के गांवों में रहने वाले पशुपालकों को भी सुविधा मिलेगी और अधिक संख्या में पशुओं को अभियान से जोड़ा जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि समय पर टीकाकरण से पशुओं को रोग के संभावित संक्रमण से बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही बीमारी के कारण पशुपालकों को होने वाली आर्थिक क्षति को कम करने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा। असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत दें सूचना जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपने पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराने की अपील की है। पशुपालकों से कहा गया है कि टीकाकरण के लिए उनके घर पहुंचने वाली विभागीय टीमों को आवश्यक सहयोग करें और अपने पशुओं को टीका लगवाएं। प्रशासन ने पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने की भी अपील की है। यदि किसी पशु में बीमारी से संबंधित कोई असामान्य लक्षण दिखाई देता है तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या संबंधित पशुपालन कर्मी को देने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार जिले में पशुधन की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से अभियान को सभी प्रखंडों में प्रभावी तरीके से संचालित किया जा रहा है। समय पर टीकाकरण और बीमारी के लक्षणों की तत्काल सूचना से संक्रमण की रोकथाम में मदद मिल सकती है।



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