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गुजरात के सूरत में रविवार की अहले सुबह हुए दर्दनाक हादसे में औरंगाबाद के एक युवक की मौत हो गई। छत से नीचे गिरने के कारण जान चली गई। हादसे के बाद परिजन सदमे में हैं। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पहचान शहर के वार्ड नंबर-31 अंतर्गत गंगटी गांव निवासी मुरारी ठाकुर के पुत्र रोहित कुमार उर्फ विक्की ठाकुर के रूप में हुई है। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करने के लिए सूरत में रहकर एक फैक्ट्री में काम करता था। गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया जानकारी के अनुसार करीब तीन बजे रोहित रात्रि ड्यूटी समाप्त कर अपने किराए के क्वार्टर पर पहुंचा। वहां खाना खाने के बाद वह कुछ देर टहलने के लिए छत पर चला गया। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह छत से नीचे जा गिरा। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने से उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। रोहित के छत से नीचे गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोट के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही सूरत में उसके साथ रहने वाले लोगों और परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। घर में मचा कोहराम सूचना औरंगाबाद स्थित उसके परिजनों को दी गई तो घर में चीख-पुकार मच गई। अचानक जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोग बेसुध हो गए। यह विश्वास करना मुश्किल था कि कुछ घंटे पहले परिवार से बातचीत करने वाला रोहित अब इस दुनिया में नहीं रहा। गांव के लोगों ने बताया कि रोहित परिवार की जिम्मेदारियों को समझता था और काम करने के लिए सूरत में रह रहा था। शव आने का इंतजार मृतक के चाचा मंटू ठाकुर ने बताया कि रोहित काफी मिलनसार और व्यवहार कुशल था। परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थी। वह मेहनत कर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रहा था। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। ग्रामीणों के अनुसार रोहित की असमय मौत से न सिर्फ उसके परिवार बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग युवक की अंतिम विदाई के लिए शव के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
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औरंगाबाद के युवक की सूरत में मौत:खाना खाने के बाद छत पर टहलने गया था, पैर फिसलने से गिरा नीचे; माता-पिता का इकलौता बेटा था
