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भोपाल में भोजपुरी समाज की महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना के लिए तीन दिवसीय जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत कर रही हैं। व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से हुई। शनिवार को तड़के करीब 3 बजे दही-चूड़ा ग्रहण करने के बाद महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रख रही हैं। शाम 5 बजे शीतलदास की बगिया, कमला पार्क घाट पर राजा जिमूतवाहन की पूजा-अर्चना होगी। नहाय-खाय से शुरू हुआ व्रत भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि व्रत की शुरुआत नहाय-खाय के साथ हुई। व्रतधारी महिलाओं ने स्नान के बाद सात्विक भोजन तैयार किया। पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। जितिया व्रत की परंपरा के तहत भोजन में नोनी का साग, मड़ुआ (रागी) के आटे की रोटी और तरोई की सब्जी बनाई गई। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया। इसके बाद व्रत की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। तड़के 3 बजे के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत शनिवार तड़के करीब 3 बजे व्रतधारी महिलाओं ने दही-चूड़ा ग्रहण किया। इसके बाद 24 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। इस दौरान महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना के साथ बिना अन्न और जल के व्रत रख रही हैं। कमला पार्क घाट पर होगी पूजा भोजपुरी एकता मंच के तत्वावधान में शाम 5 बजे व्रतधारी महिलाएं शीतलदास की बगिया, कमला पार्क घाट पहुंचेंगी। यहां स्नान के बाद राजा जिमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद जितिया व्रत की पारंपरिक चील-सियारिन सहित अन्य कथाओं का श्रवण होगा। कथा पुस्तिका बांटेगी समिति आयोजन के दौरान भोजपुरी एकता मंच समिति की ओर से व्रतधारी महिलाओं को जीवित्पुत्रिका व्रत कथा की पुस्तिका वितरित की जाएगी। समिति की ओर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी। आयोजन में भोजपुरी समाज की हजारों महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। 24 घंटे के निर्जला व्रत के बाद रविवार, 4 अक्टूबर को महिलाएं पारण करेंगी। पारण के साथ तीन दिवसीय जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत का समापन होगा।
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कमला पार्क घाट पर जुटेंगी हजारों महिलाएं:संतान की दीर्घायु के लिए 24 घंटे का निर्जला जितिया व्रत; 4 को पारण
